कोलकाता : वर्ष 2023 में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीशों पर सीधे तौर पर निजी हमले किए थे जो सुर्खियों में रही थीं। न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा से लेकर न्यायाधीश अभिजित गांगुली और न्यायाधीश जय सेनगुप्ता से लेकर अमृता सिन्हा तक बंगाल में सत्ताधारी दल के नेताओं के निशाने पर रहें।
इस पर कलकत्ता हाई कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील और माकपा के राज्यसभा सदस्य विकास रंजन भट्टाचार्य ने सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि तृणमूल नेताओं ने ऐसा करके बहुत गलत उदाहरण पेश किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि इसे तुरंत नहीं रोका गया, तो यह खतरनाक प्रवृत्ति निकट भविष्य में न्याय व्यवस्था पर चोट होगी।
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट में ऐसा पहले भी होता रहा है जब न्यायाधीशों और वकीलों के बीच विभिन्न मुद्दों पर सहमति नहीं बनी हो या विवाद रहा हो। लेकिन ऐसे उदाहरण बहुत कम हैं जब सीधे तौर पर जज को निशाना बनाया गया हो या कोर्ट का बहिष्कार किया गया हो। यह प्रवृत्ति बहुत खराब है। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल को 2023 का यही उपहार दिया है।


