कोलकाता : (Kolkata) हुगली जिले की सिंगूर स्थित ‘पहलामपुर सहकारी कृषि विकास समिति’ में ‘बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स’ के चुनाव पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की एकल पीठ ने इस संबंध में गुरुवार को अंतरिम आदेश देते हुए आगामी चार जून को प्रस्तावित चुनाव प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से स्थगन लगा दिया।
गौरतलब है कि इसी वर्ष 14 फरवरी को इस समिति में मतदान हुआ था और 13 मार्च को ‘बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स’ का गठन किया गया था। कुल 46 प्रतिनिधियों ने मतदान के ज़रिए 12 निदेशकों का चुनाव किया, जिनमें से एक को चेयरमैन और एक को सचिव नियुक्त किया गया।
इसके बावजूद पश्चिम बंगाल राज्य सहकारी आयोग ने चार अप्रैल को एक नया नोटिस जारी कर बोर्ड को भंग कर दोबारा चुनाव कराने का फैसला लिया। आयोग का तर्क था कि पिछली प्रक्रिया में कुछ त्रुटियां थीं, जिसके चलते चुनाव को दोहराना आवश्यक है।
इस निर्णय के खिलाफ समिति के कुछ सदस्यों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थितियां उत्पन्न हुईं कि हाल ही में चुने गए बोर्ड को हटाकर फिर से चुनाव की आवश्यकता पड़ी? न्यायमूर्ति ने कहा कि जब बोर्ड का गठन हो चुका है और वह कार्य भी कर रहा है, तो फिर दोबारा चुनाव की प्रक्रिया शुरू करना तर्कसंगत नहीं लगता।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता फिरदौस शमीम ने कहा कि चुना गया बोर्ड पहले ही कई महत्वपूर्ण निर्णय ले चुका है। ऐसे में लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित बोर्ड को बीच में हटाकर दोबारा चुनाव कराना असंवैधानिक और अनुचित है। उन्होंने संदेह जताया कि शायद कुछ पक्ष बोर्ड के कामकाज से असंतुष्ट हैं, इसलिए नई चुनावी प्रक्रिया की मांग की गई है।
कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक कोई भी नया चुनाव नहीं होगा। अगली सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद होगी।


