spot_img

Kolkata : दाड़ीभिट छात्र हत्याकांड पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उदासीन भूमिका पर जताया आश्चर्य

कोलकाता : उत्तर दिनाजपुर के दाड़ीभिट में एक बांग्ला स्कूल में विज्ञान की शिक्षक के जगह उर्दू शिक्षक की नियुक्ति को केंद्र कर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन में पुलिस फायरिंग में दो छात्रों की मौत मामले पर कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई सोमवार को पूरी हो गई है। न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने इस मामले में राज्य सरकार की उदासीन भूमिका को लेकर आश्चर्य जाहिर किया। उन्होंने कहा है कि अभी तक पीड़ित परिवार को वित्तीय मुआवजा तक नहीं दिया गया। अगर इसके लिए भी हाईकोर्ट को आदेश देना पड़े तो फिर कहने के लिए क्या बचेगा। राज्य मानवाधिकार आयोग की भूमिका को लेकर आलोचना करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि मानवाधिकार आयोग जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट को देखकर ही भरोसा कर चुका है। परिवार से मिला तक नहीं। इससे समझ में आता है कि मानवाधिकार आयोग कितना उदासीन है।

इस मामले पर फैसला सुरक्षित करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि 2018 में हत्या की घटना हुई उसके बाद 2020 में आयोग की ओर से बताया गया कि सदस्य नहीं है इसीलिए कोई परिवार से नहीं मिला। उसके बाद आज तक भूमिका उदासीन है। इस मामले में केंद्रीय मानवाधिकार आयोग घटनास्थल पर पहुंचा था। इसका जिक्र करते हुए न्यायाधीश ने कहा कि केंद्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली से आ गया घटनास्थल पर पहुंचा परिवार से मिला और रिपोर्ट तैयार कर चुका है। लेकिन राज्य मानवाधिकार क्या कर रहा है? सोया हुआ है?

राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में बताया गया कि गांव के लोग जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस पर न्यायाधीश ने फटकार लगाते हुए कहा कि शर्म नहीं आती आप लोगों को? आप के जांच अधिकारी क्या कर रहे हैं? आज तक परिवार से मिलकर कोई बयान लिया गया है? कोर्ट में जितने भी दस्तावेज जमा हैं उसमें कहीं भी परिवार का बयान नहीं दिख रहा। गांव के लोग और परिवार दो अलग-अलग हैं। इतनी उदासीनता आश्चर्यजनक है।

Explore our articles