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Kolkata : नाजिराबाद अग्निकांड को लेकर ममता सरकार को शुभेंदु अधिकारी ने घेरा

Kolkata: Suvendu Adhikari attacks Mamata government over Nazirabad fire

कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी (West Bengal Legislative Assembly, Suvendu Adhikari) ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नाजिराबाद–आनंदपुर वेयरहाउस (Nazirabad-Anandpur warehouse) में लगी भीषण आग को लेकर राज्य सरकार पर लापरवाही, कायरता और तानाशाही रवैये का आरोप लगाया।

शुभेंदु अधिकारी ने अपने पोस्ट में कहा कि इस भयावह अग्निकांड में अब तक 20 से अधिक निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। जले हुए शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच जारी है। इस घटना ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है और औद्योगिक एवं अग्नि सुरक्षा को लेकर सरकार की घोर विफलता को उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खतरनाक सामग्री से भरे कई गोदाम बिना एनओसी और फायर सेफ्टी ऑडिट के अवैध रूप से संचालित हो रहे थे।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस पूरी त्रासदी की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस (Chief Minister Mamata Banerjee, Fire Minister Sujit Bose) और पूरी भ्रष्ट प्रशासनिक व्यवस्था पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अब तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं, जबकि अग्निशमन मंत्री 32 घंटे की देरी से मौके पर पहुंचे।

शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि वह एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहत और बचाव कार्य समाप्त होने के बाद इलाके का दौरा करना चाहते थे। लेकिन जवाबदेही तय करने के बजाय तृणमूल कांग्रेस सरकार (Trinamool Congress government) ने सच्चाई और विपक्ष की आवाज दबाने का रास्ता अपनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita) (BNSS) की धारा 163(दो) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर 28 जनवरी शाम पांच बजे से 30 मार्च 2026 तक घटनास्थल के 100 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है।

उनका कहना है कि यह आदेश उन्हें घटनास्थल पर जाने, पीड़ित परिवारों से मिलने, उन्हें सांत्वना देने और सरकार की आपराधिक लापरवाही के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध मार्च का नेतृत्व करने से रोकने के लिए एक सोची-समझी साजिश है।

शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि सरकार जानती है कि जैसे ही वह नाजिराबाद या नरेंद्रपुर पहुंचेंगे, जनता का गुस्सा फूट पड़ेगा और ममता सरकार की विफलताएं उजागर हो जाएंगी। पोस्ट के अंत में शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) ने कहा कि यह कानून-व्यवस्था का सवाल नहीं, बल्कि लोकतंत्र का गला घोंटने की राज्य प्रायोजित कोशिश है।

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