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Kolkata : कलकत्ता हाईकोर्ट ने मेसी कार्यक्रम में अव्यवस्था मामले में केंद्रीय जांच की मांग पर फैसला सुरक्षित रखा

कोलकाता : (Kolkata) कलकत्ता हाईकोर्ट (A division bench of the Calcutta High Court) की एक खंडपीठ ने सोमवार को साल्ट लेक स्टेडियम में 13 दिसंबर को आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई कथित अव्यवस्था और तोड़फोड़ के मामले में केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। यह कार्यक्रम अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी की मौजूदगी से जुड़ा था।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन (Chief Justice Sujay Paul and Justice Partha Sarathi Sen) की खंडपीठ के समक्ष दाखिल जनहित याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखने का निर्णय लिया। याचिकाओं में दो प्रमुख मांगें रखी गई थीं। पहली, कार्यक्रम के दौरान मची अव्यवस्था की केंद्रीय एजेंसी से जांच। दूसरी, टिकट बिक्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) द्वारा गठित जांच समिति, जिसकी अध्यक्षता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर रहे हैं, और राज्य पुलिस की विशेष जांच टीम पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसी वजह से निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की जरूरत है। याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने यह भी आरोप लगाया कि साल्ट लेक स्टेडियम के निर्धारित कार्यक्रम से पहले मेसी को कुछ अन्य अनिर्धारित कार्यक्रमों में शामिल कराया गया। इन कार्यक्रमों में प्रभावशाली लोगों की भूमिका बताई गई। इसी कारण मेसी मुख्य कार्यक्रम में देर से पहुंचे।

दलील में कहा गया कि जिन दर्शकों ने बेहद ऊंची कीमत पर टिकट खरीदे थे, उन्हें मेसी को ठीक से देखने का मौका नहीं मिला। मेसी को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों और उनके परिवार के सदस्यों ने चारों ओर से घेर रखा था। इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के परिवार के लोग थे। इससे दर्शकों में नाराजगी बढ़ी और हालात बिगड़ते चले गए, जिसके बाद स्टेडियम में अव्यवस्था और तोड़फोड़ की स्थिति बन गई।

राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि स्टेडियम में मेसी की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की थी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अव्यवस्था फैलने के बाद हालात को संभालने के लिए राज्य सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए। अब इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।

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