
अभी तक अपनों के शव के इंतजार में कई परिवार
कोलकाता : (Kolkata) आनंदपुर के भीषण अग्निकांड (devastating Anandapur fire) को 24 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी मृतक की आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी है। परिजनों को अपने प्रियजनों के अवशेष तक नहीं मिले हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से घोषित 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता 27 परिवारों के हाथों में पहुंच चुकी है। बिना सरकारी पुष्टि के मुआवजा दिए जाने से परिजनों के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
राज्य सरकार ने घटना के बाद मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की थी। जली हुई गोदामों में से एक ‘वाओ मोमो’ कंपनी की भी थी। कंपनी ने अपने तीन कर्मचारियों के परिवारों को अलग से आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया था। हाल ही में प्रभावित परिवारों को 10-10 लाख रुपये के चेक सौंपे गए। कहीं जिला प्रशासन ने चेक दिए तो कहीं स्थानीय नेताओं के माध्यम से यह राशि वितरित की गई। हालांकि, मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि से पहले मुआवजा देने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस अब भी बरामद किए गए अवशेषों की डीएनए रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। फोरेंसिक विभाग (forensic department) के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस प्रकार की डीएनए जांच में अतिरिक्त समय लगता है। अवशेषों की स्थिति ऐसी है कि बिना डीएनए परीक्षण के पहचान संभव नहीं है।
मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जली हुई गोदाम के मालिक गंगाधर के अलावा पुलिस ने ‘वाओ मोमो’ गोदाम के मैनेजर मनोरंजन शिट और डिप्टी मैनेजर राजा चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया है। तीनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। आग से केवल दो लोग ही जान बचाकर निकल पाए थे, जिनसे भी पुलिस पूछताछ कर चुकी है। कंपनी के दफ्तर के मालिक और अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए हैं।
डीएनए रिपोर्ट कब आएगी, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं है। इस बीच, मिदनापुर के निरंजन मंडल और झाड़ग्राम के रवीश हांसदा (Ravish Hansda of Jhargram) का परिवार अब भी शोक की परंपराओं का पालन कर रहा है। उनके घर में चूल्हा नहीं जल रहा और भोजन रिश्तेदारों के घर से आ रहा है। मिदनापुर के देवदित्य दिंडा का परिवार भी मुआवजे की राशि और अपने प्रियजन के मृत्यू संवाद की आधिकारिक पुष्टि के इंतजार में अनिश्चितता से जूझ रहा है।


