कोच्चि: (Kochi) जाने-माने कला निर्देशक सुनील बाबू का बृहस्पतिवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन (art director Sunil Babu passed away) हो गया। उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उन्हें हृदयाघात हुआ था। वह 50 वर्ष के थे।बाबू ने मलयालम, तमिल, हिंदी और तेलुगु फिल्म जगत में कई हिट फिल्मों के लिए काम किया था। हाल ही में उनके पैर की सर्जरी हुई थी। परिवार से जुड़े एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उसी अस्पताल में उनकी ईसीजी रिपोर्ट अलग-अलग मिली, जिसके बाद उन्हें अमृता अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। लेकिन उनका निधन हो गया।
उन्हें फिल्मों- ‘अनंतभद्रम’, ‘बेंगलोर डेज’, ‘कायमकुलम कोचुन्नी’, ‘पाझासिरजा’, ‘उरुमी’, ‘नोटबुक’ समेत कई अन्य फिल्मों के लिए जाना जाता है।बाबू बॉलीवुड फिल्मों में भी कला निर्देशक थे और तेलुगु में विजय अभिनीत आगामी फिल्म ‘वरिसु’ से भी जुड़े हुए थे।मलयालम निर्देशक रोशन एंड्रयूज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा कि बाबू भारतीय फिल्म उद्योग में सर्वश्रेष्ठ तकनीकविदों में से एक थे।
एंड्रयू ने लिखा, ‘एक बहुत अच्छा दोस्त, अच्छे दिल वाला अच्छा व्यक्ति, मेरे प्यारे भाई, हमारी अनगिनत खुशनुमा रातें, हमने साथ में बहुत यात्रा की, बहुत.. सभी यादगार दिनों के लिए धन्यवाद, भाई ये तस्वीरें मेरे फिल्मी करियर के अंत तक बनी रहेंगी… आपके बिना ‘नोटबुक’, ‘कैसानोवा’ और ‘कायमकुलम कोचुन्नी’ हो ही नहीं सकती थी। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति प्रदान करे।’अभिनेता डलकेर सलमान ने कहा कि बाबू ऐसे जोशीले व्यक्ति थे जो अपना काम जुनून के साथ करते थे।पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि अंतिम संस्कार शनिवार को पत्तनमथिट्टा जिले में स्थित उनके पैतृक गांव मल्लाप्पल्ली में होगा।


