खरगोन : जिले के अनुसूचित जनजाति विधानसभा क्षेत्र भगवानपुरा क्रमांक-186 के सेगांव तहसील मुख्यालय पर “मोहब्बत की दुकान” बंद कर दी गई है। यहां कांग्रेस प्रत्याशी केदार सिंह डावर ने शुक्रवार को ग्राम पंचायत के अधीन शासकीय भवन पर बिना अनुमति अपना कार्यालय खोल दिया था। ठीक एक दिन बाद भाजपा प्रत्याशी चंदरसिंह वास्कले के अभिकर्ता भागीरथ बड़ोले द्वारा रिटर्निंग अधिकारी को की गई शिकायत के बाद 24 घंटे के अंदर उक्त कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया गया है। उक्त कार्यालय पर “मोहब्बत की दुकान” शीर्षक के पोस्टर लगाए गए थे। उधर, शिकायतकर्ता ने कांग्रेस प्रत्याशी को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। ग्राम के पटवारी ने इस संबंध में जांच प्रतिवेदन संबंधित अधिकारियों को प्रेषित किया है।
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी प्रकाश भावसार ने बताया पार्टी प्रत्याशी के अभिकर्ता भागीरथ बड़ोले ने शनिवार को रिटर्निंग अधिकारी भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र को की लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी केदारसिंह डावर ने 3 नवंबर को सेगांव बस स्टेंड स्थित अहिल्याबाई धर्मशाला में अपना चुनाव कार्यालय प्रारंभ किया है। यह ग्राम पंचायत सेगांव का शासकीय भवन होकर पंचायत रिकॉर्ड में शासकीय भवन मद क्रमांक-415 में दर्ज होकर धर्मशाला के लिए बनाया गया है। उक्त भवन किसी भी राजनीतिक पार्टी के चुनाव कार्यालय के संचालन हेतु नहीं दिया जा सकता है। डावर ने वरिष्ठ नेताओं व सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में बिना अनुमति के ही उक्त भवन में अपने कार्यालय का शुभारंभ कर दिया। साथ ही इसका प्रचार-प्रसार स्वयं की फेसबुक आईडी व समाचार पत्रों के माध्यम से भी किया गया। यह कृत्य कांग्रेस प्रत्याशी श्री डावर व उनकी पार्टी द्वारा आदर्श आचार संहिता उल्लघंन के दायरे में आता है। अतः प्रकरण दर्ज कर कांग्रेस प्रत्याशी श्री डावर को अयोग्य घोषित किया जाना न्यायहित में आवश्यक है। तत्काल प्रभाव से जो कार्यालय खोला गया है उसे बंद कर वहां रखी सामग्री जब्त की जाए। उक्त शिकायत के पश्चात ग्राम के पटवारी छत्रपालसिंह भाटिया ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा व जांच प्रतिवेदन बनाया। भाटिया ने कहा कांग्रेस प्रत्याशी का कार्यालय मतदान केंद्र के नजदीक व शासकीय भूमि पर बने भवन में संचालित किया जा रहा था। उक्त संबंध में जांच प्रतिवेदन अधिकारियों को प्रेषित किया है। उधर, प्रशासनिक कार्यवाही के बाद तत्काल प्रभाव से शासकीय भवन में खुले कांग्रेस कार्यालय पर ताला जड़ दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है मात्र 24 घंटे के अंदर ही शासकीय भवन में बिना अनुमति संचालित “मोहब्बत की दुकान” बंद हो गई।


