spot_img

Kathmandu : फोरेंसिक जांच से खुलासा- नेपाल में जेन जी विद्रोह के दौरान आगजनी में इस्तेमाल हुआ था पेट्रोलियम पदार्थ

Kathmandu: Forensic Investigation Reveals—Petroleum Substances Used in Arson During 'Gen-G' Uprising in Nepal

काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल में पिछले वर्ष ८-९ सितंबर को हुए जेन–जी आंदोलन (‘Gen-G’ movement) के दौरान संसद भवन, सर्वोच्च अदालत, देश के प्रमुख प्रशासनिक भवन सिंहदरबार और राष्ट्रपति भवन में आग लगाने के लिए पेट्रोलियम पदार्थ के उपयोग की पुष्टि फॉरेंसिक परीक्षण से हुई है। इन प्रदर्शनों के दौरान संसद भवन के बाहर 17 सहित कुल 19 लोगों की मौत हो गई थी। इसके विरोध में ९ सितंबर को देशभर में हिंसात्मक प्रदर्शन हुए थे।

जेन–जी आंदोलन के दौरान आगजनी वाले स्थानों से राख और कोयले के टुकड़े, जली हुई मिट्टी, जले हुए तारों के टुकड़े, आधे जले लकड़ी के टुकड़े और आधे जले कपड़ों के नमूने सहित कुल 15 नमूने (total of 15 samples)अलग-अलग जिप-लॉक प्लास्टिक में पैक किए गए थे। इसके साथ ही 12 मिलीलीटर पीले रंग का तरल पदार्थ सेंट्रीफ्यूज ट्यूब में रखकर भारत के दिल्ली भेजा गया था। ये सभी नमूने सीलबंद कार्टन में रखकर, बाहर से कपड़ा लपेटकर और टेप से सील करके भेजे गए थे।

इन प्रदर्शनों के दौरान जले हुए भवनों से एकत्र किए गए 1५ नमूनों की जांच भारत के गृह मंत्रालय के अधीन सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में की (Central Forensic Science Laboratory (CFSL), operating under the Ministry of Home Affairs, India) गई। जांच में पेट्रोलियम पदार्थ के अवशेष पाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि नमूनों में पेट्रोलियम उत्पाद (पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन) के अवशेष मिले हैं। परीक्षण के लिए भेजा गया एक तरल नमूना पेट्रोल ही था। प्रयोगशाला में इन 1५ नमूनों की जांच भौतिक-रासायनिक विधि, रासायनिक परीक्षण, थिन लेयर क्रोमैटोग्राफी और गैस क्रोमैटोग्राफी–मास स्पेक्ट्रोफोटोमेट्री तकनीक के माध्यम से की गई, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों और उनके अवशेषों की पहचान हुई।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि आग लगी जगह से लिए गए नमूनों में हाइड्रोकार्बन पाए जाते हैं, तो यह पेट्रोलियम पदार्थ के इस्तेमाल का संकेत होता है।अमेरिका की व्योमिंग विश्वविद्यालय से रसायन शास्त्र में पीएचडी करने वाले काठमांडू इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड साइंसेस के वरिष्ठ वैज्ञानिक वसंत गिरी (Vasant Giri—a senior scientist at the Kathmandu Institute of Applied Sciences who holds a PhD in Chemistry from the University of Wyoming, USA) ने कहा कि जिस नमूने में पेट्रोलियम पदार्थ के अवशेष होते हैं, उसमें हाइड्रोकार्बन पाए जाते हैं और हाइड्रोकार्बन पेट्रोलियम पदार्थों में ही मिलता है। फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि परीक्षण के लिए भेजा गया तरल पदार्थ पेट्रोलियम पदार्थ था। हालांकि, सिंहदरबार परिसर के भीतर स्थित एक मंत्रालय से लिए गए नमूने के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

New Delhi : वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच को लोकसभा की मंजूरी

नई दिल्ली : (New Delhi) लोकसभा ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों (दूसरा बैच) को अपनी मंजूरी दे (Lok...

Explore our articles