काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल में दाऊद इब्राहिम और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का प्रमुख गुर्गा युनूस अंसारी (Dawood Ibrahim and Pakistani intelligence agency ISI’s main henchman Yunus Ansari) को आज जेल से रिहा होते ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। जाली भारतीय नोट के कारोबार में पांच वर्ष की कैद पूरा होने के बाद रविवार को उसे दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
नेपाल में डी कंपनी का पूरा कारोबार संभालने वाला युनूस अंसारी कोनाज चौथी बार गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो (Central Investigation Bureau) (CIB) ने काठमांडू के सेंट्रल जेल से रिहा होने के साथ ही युनूस को आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार किया गया है।
सीआईबी प्रवक्ता एसएसपी युवराज खड़का (CIB spokesperson SSP Yuvraj Khadka) ने बताया कि युनूस पर संपत्ति शुद्धिकरण का मामला चल रहा था जिसमें उसकी गिरफ्तारी की गई है। खड़का ने बताया कि युनूस को आज ही जिला अदालत काठमांडू में पेश कर 5 दिनों के रिमांड पर लिया गया है।
यह तीसरी बार है जब युनूस को गिरफ्तार किया गया है। सबसे पहले 30 जनवरी 2010 को उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। उस समय युनूस पर जाली नोट और ड्रग्स का कारोबार करने का आरोप लगाया गया था। छापेमारी के दौरान युनूस के घर से 2 करोड़ रुपए जाली भारतीय नोट और 5 किलो अफीम और चरस बरामद किया गया था।
चार साल जेल में रहने के बाद युनूस को दोबारा जेल से निकलते ही जनवरी 2014 में दूसरी बार गिरफ्तार किया गया था। जाली नोट के कारोबार के आरोप में फिर से चार साल जेल में रहने के बाद वह 14 फरवरी 2018 को जेल से रिहा हुआ था। इसके बाद 24 मई 2019 को कतर एयरवेज के उड़ान (संख्या QR 644) से आए 7 करोड़ रूपये की डिलीवरी लेने खुद एयरपोर्ट गए युनूस अंसारी को एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार किया गया।
2019 से ही काठमांडू के सेंट्रल जेल में बंद युनूस अंसारी रविवार को 5 साल बाद रिहा किया गया और रिहा होते ही आज उसे चौथी बार गिरफ्तार कर लिया गया है। नेपाल में वर्षों तक दाऊद के सभी कारोबार को युनूस ही संभालता था।


