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Kathmandu : क्रिकेटर संदीप लामिछाने को बलात्कार मामले में बरी किये जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

काठमांडू : (Kathmandu) नेपाली क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान संदीप लामिछाने (former Nepali cricket team captain Sandeep Lamichhane) को एक बलात्कार मामले में हाई कोर्ट से बरी किये जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है। हालांकि, पीड़ित युवती ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती न देने की बात कही है लेकिन सरकार की ओर से पीड़ित युवती को ना सिर्फ न्याय दिलवाने, बल्कि उसको आर्थिक सहायता भी दिलवाने की कोशिश की जा रही है।

महान्यायधिवक्ता कार्यालय के प्रवक्ता सूर्य राज दहाल ने कहा कि हाई कोर्ट के फैसले का अध्ययन करने के बाद अब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है। सरकारी वकील का दावा है कि हाई कोर्ट के फैसले में कई ऐसी बातों को नजरंदाज किया गया है, जो बलात्कार जैसे मुकदमे में नहीं होनी चाहिए। प्रवक्ता दहाल के मुताबिक आरोपित लामिछाने को बलात्कार के जुर्म में अधिकतम सजा दिलाने की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि पीड़ित युवती को ना सिर्फ न्याय दिलवाने, बल्कि उसको आरोपित की तरफ से आर्थिक सहायता दिलाने की कोशिश होगी।

हाई कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित लड़की ने पहले ही अदालत में एक लिखित हलफनामा देकर इस मुकदमे की सुनवाई आगे जारी नहीं करने की अपील की है। पीड़ित युवती ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं देने की भी बात कही है। इस पर महान्यायधिवक्ता कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमारी रिव्यू पिटिशन के साथ ही पीड़ित लड़की के लिखित आग्रह को भी कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। अब कोर्ट को फैसला करना है कि वो इस पर आगे क्या फैसला देता है।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में घटना के समय पीड़ित युवती की उम्र 18 साल से अधिक होने की बात कहते हुए सहमति से होटल में जाने और कुछ समय बिताने को बलात्कार की श्रेणी में नहीं रखने का फैसला सुनाया था। हाई कोर्ट ने क्रिकेटर संदीप लामिछाने को बलात्कार के मुद्दे पर निर्दोष बताते हुए आरोप मुक्त कर दिया था।

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