
काठमांडू : (Kathmandu) नेपाल के पूर्व स्पीकर तथा माओवादी के नेता कृष्ण बहादुर महरा और नेपाल सरकार के संयुक्त सचिव अरुण पोखरेल (Nepal’s former Speaker and Maoist leader Krishna Bahadur Mahara, along with Joint Secretary of the Government of Nepal Arun Pokharel) सहित अन्य के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) में छिपाकर सोना तस्करी करने के आरोप में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau) ने गुरुवार को महरा, पोखरेल और महरा के पुत्र राहुल महरा समेत अन्य के खिलाफ मामला दायर किया। इन सभी पर चीनी तस्करों के साथ मिलकर ई-सिगरेट के पैकेजिंग में छिपाकर अवैध रूप से सोना लाने का आरोप है। अदालत ने लगभग 7 करोड़ रुपये का जुर्माना भी निर्धारित किया है।
आरोपपत्र के अनुसार महरा और उनके सहयोगी 25 दिसंबर, 2022 को एक चीनी गिरोह के साथ सोने की तस्करी (gold smuggling operation with a Chinese syndicate on December 25, 2022) में शामिल थे, जिसमें ई-सिगरेट के पैकेज को आवरण के रूप में इस्तेमाल किया गया था। इस खेप में 73 बॉक्स में 730 वेप पेन शामिल थे। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Tribhuvan International Airport) पर पहुंचने के बाद इस खेप को बिना जांच के कस्टम से पार कराने की योजना थी। बाद में पता चला कि इसमें करीब 9 किलोग्राम सोना था, लेकिन मामला तब और जटिल हो गया, जब बाद में यह सोना गायब हो गया।
चीनी नागरिक ली हानसोंग (Chinese national Li Hanson) (पासपोर्ट EJ 6350030) दुबई से फ्लाइट FZ 0587 के जरिए काठमांडू पहुंचे थे। उनके पास दो सूटकेस में छिपाकर 73 बॉक्स वेप पेन लाए गए थे। हानसोंग को यह सोना गिरोह के सरगना वांग को सौंपना था, जिसके पूर्व स्पीकर महरा से संबंध थे।
हालांकि, कस्टम अधिकारियों ने उसी दिन खेप को संदिग्ध मानते हुए जब्त कर लिया, लेकिन कुछ दिनों बाद हानसोंग फरार हो गया। आरोप है कि उसने जब्त सोना छुड़ाने के लिए महरा और उनके बेटे राहुल की मदद मांगी। इस दौरान महरा और उनके बेटे ने कस्टम अधिकारियों और चीनी संपर्कों सहित विभिन्न लोगों से कथित तौर पर 256 बार संपर्क किया, ताकि जब्त सोना छुड़ाया जा सके।


