कानपुर : स्ट्रेस सदैव बुरा ही नहीं होता, इसके अपने फायदे भी हैं। परीक्षा का स्ट्रेस विद्यार्थी को सुव्यवस्थित एवं पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाने में लाभदायक है। यह बात मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल हेल्थ साइंसेस एवं रीजेन्सी हॉस्पिटल कानपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित स्ट्रेस मैनेजमेंट पर एक स्वास्थ्य संगोष्ठी में मुख्य वक्ता मनोरोग विशेषज्ञ डॉ.कुजन गुप्ता ने कही।
उन्होंने कहा कि आज की जीवन शैली मशीनी युग से प्रभावित है एवं नई पीढ़ी अपना अधिकतर समय मोबाइल, कम्प्यूटर, लैपटाप पर व्यतीत करती है जिससे कि उसकी दिनचर्या अधिकतर समय अव्यवस्थित होती है। देररात तक जागना तथा सवेरे देर तक सोना व्यायाम एवं खेल-कूद से परहेज अत्यंत घातक सिद्ध हो रहा है जिससे नई पीढ़ी में चिढ़चिढ़ापन, आक्रामकता एवं किसी भी कार्य में एकाग्रता न बनना आजकल के दिनों एक जनमानस की आम समस्या बन गई है साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि स्ट्रेस सदैव बुरा ही नहीं होता, इसके अपने फायदे भी हैं जैसे- परीक्षा का स्ट्रेस विद्यार्थी को सुव्यवस्थित एवं पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाने में लाभदायक है।
संस्थान के छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित शिक्षकगणों ने डा. कुंजन गुप्ता के साथ एक प्रयोग भी संपन्न कराया जिसके उपरान्त सभी उपस्थित गणों को बेहतर महसूस हो रहा था। साथ ही डा0 कुंजन गुप्ता ने यह भी आश्वस्त किया कि यदि भविष्य में किसी भी छात्र-छात्राओं को उनकी मदद की आवश्यकता पड़ती है तो वह उसका पूर्ण सहयोग करेंगी एवं छात्र-छात्रायें निःसंकोच होकर उनसे सम्पर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन हिना वैश ने किया। इस कार्यक्रम में स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज के विभिन्न कोर्सेस के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। संस्थान के निदेशक डा. दिग्विजय शर्मा एवं सह-निदेशक डॉ. मुनीश रस्तोगी ने मुख्य वक्ता डॉ. कुंजन गुप्ता मनोरोग विशेषज्ञ रीजेंसी हॉस्पिटल का पादप के साथ स्वागत किया। इस मौके पर चन्द्रशेखर कुमार, नेहा शुक्ला, आकांक्षा बाजपेई, आमना जैदी, डॉ. अनामिका दीक्षित, वर्तिका श्रीवास्तव, धीरज कुमार, आदि उपस्थित थे।


