
कानपुर : (Kanpur) जनपद कमिश्नरेट की क्राइम (Branch of the Kanpur Commissionerate) ने एक बड़े फर्जी जीएसटी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। शातिर जाली कागज़ात के सहारे कागज़ी फर्में खड़ी कर जीएसटी पंजीकरण हासिल करता था और बिना किसी वास्तविक लेन-देन के फर्जी टैक्स इनवॉइस व ई-वे बिल तैयार कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाकर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगा रहा था। पुलिस ने तकनीकी जांच में मिले इंटरनेट आईपी एड्रेस के आधार पर गिरोह के मास्टरमाइंड सीए समेत उसके एक सहयोगी को दबोच लिया है।
पुलिस उपायुक्त अपराध श्रवण कुमार सिंह (Deputy Commissioner of Police (Crime) Shravan Kumar Singh) ने रविवार को प्रेस वार्ता में बताया कि कानपुर से संचालित एक फर्जी जीएसटी नेटवर्क ने प्रदेश के कई जिलों में सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इसी कड़ी में राज्य कर विभाग से मिली सूचना पर थाना कल्याणपुर क्षेत्र में अपूर्व ट्रेडिंग कम्पनी (Apoorva Trading Company) के नाम से फर्जी जीएसटी पंजीकरण का मामला सामने आया, जिस पर सम्बंधित थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।


