कांकेर/रायपुर : (Kanker/Raipur) रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर (Congress leader Jeevan Thakur) की मौत के बाद राजनीतिक और सामाजिक विवाद गहरा गया है। रायपुर सेंट्रल जेल में बंद सर्व आदिवासी के पूर्व जिला अध्यक्ष व कांग्रेसी नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत को लेकर कांकेर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। आदिवासी समाज के लोगों ने नेशनल हाईवे 30 पर चारामा में थाना के सामने चक्काजाम कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे। इस मामले को लेकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर (Chief Judicial Magistrate, Raipur) ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं लगातार बढ़ते विरोध और गंभीर आरोपों के बीच जेल महानिरीक्षक ने कांकेर जिला जेल के जेलर को हटा दिया है। समाचार लिखे जाने तक परिवार ने अब तक जीवन ठाकुर का शव नहीं लिया है।
ज्ञात हो कि कांकेर जिले के रहने वाले जीवन ठाकुर को कुछ दिनों पहले बिना परिवार को सूचना दिए कांकेर जिला जेल से रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। मौत की सूचना सामने आने के बाद परिवार और आदिवासी समाज ने गंभीर सवाल उठाते हुए आज (गुरुवार) कांकेर, कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया।
परिजनों का आरोप है कि जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर 2025 को जमीन विवाद के मामले में गिरफ्तार कर कांकेर जिला जेल (Kanker District Jail) में रखा गया था, लेकिन 2 दिसंबर को बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें अचानक रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया। परिवार का कहना है कि न तो ट्रांसफर की जानकारी दी गई और न ही तबीयत बिगड़ने या अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी गई।बताया जा रहा है कि 4 दिसंबर सुबह 4:20 बजे जीवन ठाकुर को डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (Dr. Bhimrao Ambedkar Hospital) (मेकाहारा), रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां सुबह 7:45 बजे उनकी मौत हो गई। परिवार को इस गंभीर घटना की जानकारी शाम 5 बजे दी गई।
घटना के बढ़ते विरोध को देखते हुए कांकेर जिला जेल के जेलर को हटा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले में जांच तेजी से जारी है और सभी संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि, परिवार और आदिवासी समाज प्रशासनिक कदमों को अपर्याप्त मानते हुए कड़े एक्शन की मांग कर रहा है।आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने साफ कहा है कि “जब तक पूरे प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक हम शव नहीं लेंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे।”
इस मामले में रायपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक योगेश कुमार क्षत्री (Raipur Central Jail Superintendent Yogesh Kumar Kshatriya) ने कहा कि जीवन ठाकुर को बीमारी के कारण रायपुर रेफर किया गया था और उनकी मौत इलाज के दौरान हुई है। प्रशासन के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तथ्य सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


