कल्याण रेलवे स्कूल एंड जूनियर कॉलेज (CBSE) को 50 कंप्यूटर और एक बड़ा आरोप प्लांट भेंट
कल्याण : (Kalyan) आईआरसीटीसी, सीएसआर की दिशा में कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। रेल मंत्री के नेतृत्व एवं चेयरमैन/मेनेजिंग डायरेक्टर संजय कुमार जैन (Chairman/Managing Director Sanjay Kumar Jain) के मार्गदर्शन में आईआरसीटीसी वेस्ट जोन ने इस परियोजना के तहत करीबन 20 लाख रुपये खर्च कर 50 कंप्यूटर सेंट्रल रेलवे जूनियर कालेज कल्याण को दिए हैं। इन आधुनिक कंप्यूटरों की मदद से बच्चे अब Digital Learning और E-Learning की दुनिया से जुड़ सकेंगे। इंटरनेट और नई टेक्नोलॉजी तक उनकी आसान पहुंच होगी, जिससे उन्हें देश-दुनिया के लेटेस्ट एजुकेशन पैटर्न का फायदा मिलेगा।
इसके साथ साथ आयआरसीटीसी ने 10 लाख रुपये की लागत का CSR Fund से एक बड़ा RO प्लांट भी लगाया गया है, जिससे करीब 1300 विद्यार्थियों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा।
इस अवसर पर आईआरसीटीसी के ग्रुप जनरल मैनेजर गौरव झा (Gaurav Jha) ने कहा कि आजकल लर्निंग प्रोसेस पूरी तरह टेक्नोलॉजी बेस्ड होती जा रही है। यह कंप्यूटर लैब बच्चों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। ये सिर्फ मशीनें नहीं, बल्कि इनके जरिए बच्चे अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ेंगे। हम चाहते थे कि बच्चे सिर्फ कंप्यूटर देखे नहीं बल्कि उससे जुड़ी हर तकनीक सीख सकें। डिजिटल लिटरेसी (Digital Literacy) आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
इस प्रोजेक्ट को साकार करने में मनीष सिंह,वरिष्ठ मंडल अधिकारी, मुंबई मण्डल तथा ज्योति श्रीवास्तव (Mumbai Division and Jyoti Srivastava), प्रिंसिपल कल्याण रेलवे स्कूल एवं जूनियर कालेज ने अहम भूमिका निभाई है.इस प्रोजेक्ट को जमीनी स्तर पर लागू कराने वाले विक्रांत खिसमतराव ने बताया कि कंप्यूटर लैब बनाते समय खास ध्यान रखा गया कि सभी मशीनें अत्याधुनिक हों।

आयआरसीटीसी सीएसआर से शिक्षा और सेहत को नई दिशा
सेंट्रल रेलवे द्वारा संचालित कल्याण रेलवे स्कूल एंड जूनियर कॉलेज में लगभग 1300 बच्चे पढ़ाई करते हैं। अब इस CSR Project के जरिए उन्हें दोहरी सौगात मिली है – एक तरफ डिजिटल एजुकेशन का नया मंच और दूसरी तरफ साफ-सुथरे पानी की गारंटी। स्थानीय अभिभावकों और शिक्षकों का कहना है कि यह कदम बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। अब वे आधुनिक शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों से लाभान्वित होंगे।
भविष्य की पीढ़ी के लिए निवेश
IRCTC का यह प्रयास साबित करता है कि कॉर्पोरेट कंपनियां जब अपनी Corporate Social Responsibility (CSR) को गंभीरता से निभाती हैं तो उसका सीधा असर समाज पर दिखाई देता है। खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र में ऐसे कदम बच्चों के जीवन को नई दिशा दे सकते हैं


