कैथल : (Kaithal) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि वक्फ बोर्ड पूरी तरह से माफिया के कंधों पर टिका हुआ था। जब से वक्फ बोर्ड बना है तब से लेकर आज तक इसके आकाओं ने झूठ और भ्रम पैदा करके देश के मुसलमानों को कुचलने का ही काम किया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पारित होने से हुआ नए भारत का जन्म हुआ है। इस संशोधन विधेयक के पारित होने से कुछ लोगों को सरकार का यह निर्णय सही नही लग रहा है।
इद्रेश कुमार शनिवार को कैथल में भाजपा नेता अरुण सर्राफ के निवास पर मीडिया से बातचीत रहे थे। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड पर एक संशोधन पास होना था जो जेपीसी को दिया गया। इसमें लाखों लोगों को शामिल किया गया, जिसमें लाखों लोगों ने अपने सुझाव भी दिए। यह एक ऐसा विधेयक था जिस पर इतना व्यापक मंथन हुआ और उस पर लंबी बहस भी चली। इसके बाद वह विधेयक पास भी हो गया। पहली बार ऐसा देखने को मिला कि वक्फ बोर्ड में कहीं भी पारदर्शिता नहीं थी, कोई कागजात आदि भी नहीं थे। एक किस्म से वक्फ बोर्ड कुछ मजहबी और सियासी नेताओं के माफिया का अड्डा मात्र बना हुआ था। क्योंकि किसी भी आम मुसलमान को इसका लाभ नहीं दिया गया था और न ही कोई वेलफेयर योजना बोर्ड द्वारा उपलब्ध करवाई गई थी। इसलिए यह कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि देश के लिए सचमुच में नव संवत नवरात्रे नये रूप में आए हैं। ईद भी नए रूप में आई है जिसमें एक नए भारत का जन्म होगा।
इसलिए नए वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के बाद वक्फ बोर्ड को माफिया से मुक्ति मिली है। उन्होंने कहा कि 2025 की ईद इस बात के लिए जानी जाएगी कि इस दिन वक्फ बोर्ड को माफिया से आजादी मिली है। देश के मुसलमानों को असली आजादी 1947 में नहीं अपितु सही मायने में उन्हें आज आजादी मिली दिखाई देती है।
अब निश्चित रूप से वेलफेयर की स्कीमेंं बनेंगी। उन्होंने कहा कि इस बिल के पारित होने से माफिया और वोट बैंक के जो खिलाड़ी थे, उनको बहुत बडा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग देश की एकता व अखंडता के भी दुश्मन हैं। वक्फ बोर्ड माफिया बताएं कि आज तक कितने लाख मुसलमानों को लाभ पहुंचाया गया है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि आज हर मुसलमान आजादी के बाद अपनी पहली ईद मना रहा है। क्योंकि अब मुसलमान वेलफेयर के साथ जुड़कर नए सपने देख रहा है। देश में मजहब के नाम पर होने वाले दंगे और भड़काए जाने वाले दंगों से भी मुक्त होगा।