जींद : शनिवार को पुलिस ने नोयडा में छापेमारी फर्जी कॉल सेंटर पकडा है। पुलिस ने यहां से सात सदस्यों का काबू किया है। पुलिस पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर रही है।
गांव हरिगढ निवासी सीमा ने 18 अगस्त को साईबर पुलिस को दी शिकायत मे बताया था कि 21 जुलाई को उसके फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उसे आई आरडीएआई में अधिकारी बताया और पॉलिसी रिफंड करवाने का आश्वासन दिया। जिस पर आरोपितों ने कुछ फार्म भरवाए और उसके 30 लाख रुपये हडप लिए गए। पुलिस ने सीमा की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। साइबर थाना पुलिस ने जांच को आगे बढाया तो नोयडा सेक्टर-62 निशाने पर आया। जब पुलिस ने लोकेशन के आधार पर छापेमारी की तो वहां पर फर्जी कॉल सेंटर चलता मिला।
पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर में काम करने वाले गाजियाबाद यूपी निवासी लक्ष्य, गौतमबुद्ध नगर निवासी अमन कुमार, गाजियाबाद निवासी दीपा, डोली, नोएडा निवासी वंशिका, निशा, ईस्ट दिल्ली निवासी फिजा को काबू कर लिया। जबकि गिरोह का सरगना नोयडा निवासी सौरभ पुलिस की पकड़ से बाहर है। जिसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। डीएसपी संदीप धनखड़ ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ने गुगल पर विभिन्न हेल्प लाइनों पर अपने नंबर डाले हुए थे। काई व्यक्ति अपनी जरूरत के अनुसार सहायता मांगता तो वह ठगी का शिकार हो जाता था। खास बात यह है कि लक्ष्य गिरोह में सबसे पढा लिखा एमए पास है। अन्य पकड़े गए आरोपित दसवीं पास हैं। बोल-चाल में इतनी एक्सपर्ट की बड़े बड़े गच्चा खा जाए।


