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Jammu : नटरंग ने प्रस्तुत किया नाटक मेरी विरासत मेरा गर्व, सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण का दिया संदेश

जम्मू : (Jammu) नटरंग ने अपने लोकप्रिय संडे थिएटर श्रृंखला के तहत रानी पार्क, जम्मू (Natarang, as part of its popular Sunday Theatre series, staged the Hindi play “Meri Virasat Mera Garv” at Rani Park, Jammu) में हिंदी नाटक मेरी विरासत मेरा गर्व का मंचन किया। जम्मू-कश्मीर राज्य पुरस्कार प्राप्त व राष्ट्रीय फेलोशिप होल्डर पवन वर्मा द्वारा लिखित और वरिष्ठ रंग निर्देशक नीरज कांत द्वारा निर्देशित (Jammu and Kashmir State Award winner and National Fellowship holder Pawan Verma and directed by veteran theatre director Neeraj Kant) इस नाटक ने जम्मू की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, भाषा, कला और स्मारकों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए दर्शकों को याद दिलाया कि यही किसी समुदाय की असली पहचान और गर्व है।

नाटक की शुरुआत कलाकारों द्वारा विरासत और संस्कृति बचाने के नारे लगाने से हुई। कथावाचक ने उनकी जिज्ञासा जाननी चाही तो कलाकारों ने बताया कि उनका उद्देश्य समाज में सांस्कृतिक संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाना है। आगे की कहानी ऐतिहासिक मुबारक मंडी महल के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक युवती ने महल का रूप धरकर उसकी जर्जर स्थिति पर दुख जताया, साथ ही चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों से उम्मीद भी व्यक्त की। उसकी भावुक अपील से प्रेरित होकर युवाओं ने धरोहर बचाने का संकल्प लिया।

इसके बाद एक कक्षा का दृश्य दिखाया गया, जिसमें शिक्षक ने विद्यार्थियों को समझाया कि आधुनिक चीज़ें जैसे बाइक या मोबाइल पहचान नहीं होतीं, बल्कि असली पहचान भाषा, संस्कृति और विरासत से होती है। उन्होंने बसोहली मिनिएचर पेंटिंग्स और 1500 साल पुराने लोकनृत्य कुड की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। नाटक का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि भाषा, संस्कृति, कला, नृत्य और स्मारक हमारी सच्ची धरोहर हैं और इन्हें सुरक्षित रखना न केवल जिम्मेदारी है, बल्कि गर्व की बात भी है। इस प्रस्तुति में नीरज कांत, पवन वर्मा, कार्तिक कुमार, कननप्रीत कौर, वंदना ठाकुर, कुशल भट, आर्यन शर्मा और हर्ष दिव्यान सिंह ने प्रभावशाली अभिनय (The presentation featured impressive performances by Neeraj Kant, Pawan Verma, Kartik Kumar, Kananpreet Kaur, Vandana Thakur, Kushal Bhat, Aryan Sharma, and Harsh Divyan Singh) किया।

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