जालौन : (Jalaun) मासूम से घर में घुसकर छेड़खानी (molesting an innocent child) के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने चार साल की सजा सुनाई और सात हजार रुपये जुर्माना लगाया। शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत गुर्जर व रणकेंद्र सिंह भदौरिया (Government advocates Vishwajeet Gurjar and Rankendra Singh Bhadauria) ने बताया कि नदीगांव थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने एक जुलाई 2020 को तहरीर देकर बताया था कि 30 जून 2020 को वह रिश्तेदार की शादी में गया था और सभी लोग खेत पर गए थे। आठ वर्षीय बेटी घर पर अकेली थी। तभी गांव का ही रहने वाला कल्लू सिंह ठाकुर घर के अंदर घुसकर उसकी बेटी से पीने के लिए पानी मांगा। वह अंदर पानी लेने चली गई और पीछे से कल्लू सिंह ठाकुर ने उसको पकड़कर उसके साथ छेड़खानी की। जब उसने विरोध किया तो कल्लू मारपीट कर भाग गया। मासूम ने घटना की जानकारी पिता को दी। तो पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मासूम से घर में घुसकर छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज किया। आरोपित को पुलिस ने गांव से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। कोर्ट में चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (Special Judge POCSO Act) मोहमद कमर ने कल्लू सिंह ठाकुर को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।


