जालौन: (Jalaun) आगामी 28 मई से शुरु होने वाले सघन पल्स पोलियो अभियान में इस बार शून्य से पांच साल तक के 2.10 लाख से ज्यादा बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जाएगी। अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रोप्लान बनाते हुए तैयारियां तेज कर दी गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.एनडी शर्मा ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि पल्स पोलियो अभियान शासन के निर्देश पर एक बार फिर से चलाया जा रहा है। इस अभियान को गंभीरता से लें और शून्य से पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने सुनिश्चित करें। दिव्यांगता से बचाने के लिए सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाना जरूरी है। कोई भी बच्चा इसमें छूटना नहीं चाहिए। जिले में फिलहाल पोलियो का कोई केस नहीं है, लेकिन हमें फिर भी सावधानी बरतनी है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. डीके भिटौरिया ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई है। डकोर ब्लाॅक में 14025 बच्चों, पिंडारी में 17514 बच्चों, नदीगांव में 22485 बच्चों, रामपुरा में 14731 बच्चों, माधौगढ़ में 14613, छिरिया में 11275 बच्चों, कुठौंद में 16554 बच्चों, बाबई (महेबा) में 10572 बच्चों, कदौरा में 29142 बच्चों को दवा पिलाई जानी है। वहीं नगरीय क्षेत्र में उरई में 27922, कोंच नगर में 8668, कालपी में 10208, जालौन नगरीय क्षेत्र में 12317 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
अपर शोध अधिकारी आरपी विश्वकर्मा ने बताया कि 28 मई को बूथ दिवस आयोजित होगा। जबकि 29 मई से 02 जून तक घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी। दवा पिलाने के लिए 1188 बूथ बनाए गए हैं। घर-घर दवा पिलाने के लिए 590 टीमें बनाई है। टीम में एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को शामिल किया गया है, जिसके लिए उन्हें निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके पहले 18 सितम्बर 2022 को पल्स पोलियो अभियान चलाया गया था, जिसमें 2.10 लाख बच्चों को दवा पिलाई गई थी।


