जयपुर : राजस्थान हाईकोर्ट ने स्कूल व्याख्याता भर्ती- 2022 की अंतिम उत्तर कुंजी जाए किए बिना परीक्षा परिणाम जारी करने पर शिक्षा सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक और आरपीएससी सचिव से जवाब तलब किया है। अदालत ने इन अधिकारियों से पूछा है कि प्रारंभिक उत्तर कुंजी पर मांगी गई आपत्तियों के बाद अंतिम उत्तर कुंजी जाए किए बिना परीक्षा का परिणाम कैसे जारी किया गया। जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने यह आदेश प्रहलाद कुमार गुर्जर व अन्य की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता आरपी सैनी ने अदालत को बताया की आरपीएससी ने 28 अप्रैल, 2022 को 26 विषयों के लिए व्याख्याता भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। जिसमें याचिकाकर्ताओं ने भूगोल विषय के लिए आवेदन किया था। आरपीएससी ने 16 अक्टूबर, 2022 को लिखित परीक्षा का आयोजन किया और 23 दिसंबर को प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी कर अभ्यर्थियों से प्रश्नों पर आपत्तियां मांगी। जिसमें याचिकाकर्ताओं ने चार प्रश्नों पर अपनी आपत्तियां पेश की। याचिका में आरोप लगाया गया है की आरपीएससी ने याचिकाकर्ताओं की आपत्तियां का निस्तारण नहीं किया और बिना अंतिम कुंजी जारी किए ही भूगोल विषय का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। याचिका में यह भी कहा गया कि आयोग ने विशेषज्ञ कमेटी की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया और ना ही सफल और असफल अभ्यर्थियों के अंक बताए गए। याचिकाकर्ता की ओर से मान्यता प्राप्त पुस्तकों को पेश कर कहा गया की आयोग ने इन प्रश्नों के उत्तर गलत जांचे हैं। याचिका में गुहार की गई है की भर्ती परिणाम को रद्द कर विवादित प्रश्नों की जांच के लिए विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया जाए और गलत उत्तर जांचने वाले प्रश्न चयनकर्ताओं को आगामी भर्ती के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।


