HomeJaipurJaipur: जेडीए की जमीन-रेलवे का कब्जा, आमजन भुगतेंगे सजा

Jaipur: जेडीए की जमीन-रेलवे का कब्जा, आमजन भुगतेंगे सजा

जयपुर:(Jaipur) राजधानी के टोंक फाटक क्षेत्र के पास स्थित एक जमीन का विवाद आमजन के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। रेलवे और जयपुर विकास प्राधिकरण के बीच चल रहे जमीनी विवाद के चलते सडक़ चौड़ी नहीं हो पा रही है। इस कारण आमजन को रोजाना जाम से दो-चार होना पड़ रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में जमीन को जेडीए के नाम दर्शाया गया है, जबकि जमीन पर रेलवे का कब्जा है। इस बेशकीमती जमीन को खाली करवाने के लिए जेडीए ने उत्तर-पश्चिम रेलवे प्रशासन को पत्र भी लिखा है, लेकिन रेलवे प्रशासन कब्जा खाली करने को तैयार नहीं है। रेलवे का यह कब्जा आमजन के यातायात को सुगम बनाने के काम में बाधा बन रहा है।

जेडीए से प्राप्त जानकारी के अनुसार यातायात को सुगम बनाने के लिए जेडीए लक्ष्मी मंदिर तिराहे पर दो अंडरपास बना रहा है। इस तिराहे को ट्रेफिक लाइट मुक्त करवाने की दिशा में किए जा रहे काम के तहत गांधी नगर की तरफ से आने वाला यातायात टोंक फाटक पुलिया के नीचे से होकर सहकार मार्ग पर जाएगा। इसके लिए टोंक फाटक पुलिया के नीचे सडक़ मार्ग को चौड़ा किया जाना है। लेकिन इस जमीन पर लम्बे समय से रेलवे प्रशासन ने कब्जा कर रखा है। इसके चलते जेडीए द्वारा किए जा रहे यातायात सुगम बनाने के काम में बाधा आ रही है।

साढे तेरह सौ स्क्वायर मीटर जमीन की जरुरत

यातायात को सुगम बनाने की दिशा में रोड चौड़ी करने के लिए जेडीए को यहां 1350 स्क्वायर मीटर जमीन की जरुरत है। खास बात यह है कि गांधी नगर स्टेशन को वल्र्ड क्लास स्टेशन बनाने का काम भी चल रहा है। यहां पर जब पूरी तरह से लोगों का आवागमन शुरू हो जाएगा तो जमीन नहीं मिलने की सूरत में टोंक फाटक पुलिया के नीचे लगने वाले जाम की समस्या और विकराल रूप धारण कर लेंगी।

रेलवे से मांगे स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, कई पत्र लिखे लेकिन मिला जबाब

जेडीए ने रेलवे को पत्र लिखकर स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। जेडीए द्वारा लिखे गए पत्र में बताया गया है कि रामपुरारूपा के खसरा नम्बर 280/490 और 280/291 टोंक पुलिया से रेलवे लाइन के बीच का भाग आता है। सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन जेडीए के नाम दर्ज है। जबकि लम्बे समय से इस पर जमीन रेलवे ने कब्जा कर रखा है। स्वामित्व संबंध दस्तावेज जमा करवाने को लेकर जेडीए कई बार रेलवे को पत्र लिख चुके है, लेकिन रेलवे ने एक भी पत्र का जवाब नहीं दिया।

इस संबंध में जेडीए में डायरेक्टर (इंजीनियरिंग) अजय गर्ग का कहना है कि ट्रेफिक मूवमेंट के लिए टोंक फाटक पुलिया और रेलवे लाइन के बीच का हिस्से की जमीन चाहिए। इस सम्बंध में जोन डीसी से जानकारी ली थी तो उनका कहना था कि यह जमीन रिकॉर्ड में जेडीए के नाम है। जबकि इस जमीन पर कब्जा रेलवे का है। जमीन को लेकर विवाद क्यों है इस में बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता है।

उधर इस मामले में पूछे जाने पर सीपीआरओ, उत्तर-पश्चिम रेलवे कैप्टन शशि किरण ने बताया कि जमीन को लेकर रेलवे और जेडीए का क्या विवाद है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैं पता करके बताता हूं।

spot_imgspot_imgspot_img
इससे जुडी खबरें
spot_imgspot_imgspot_img

सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली खबर