
जयपुर : (Jaipur) राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान उच्च न्यायालय (Jaipur, the capital of Rajasthan) सहित जोधपुर और अजमेर कोर्ट को शुक्रवार की सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। तीनों स्थानों पर कोर्ट की ऑफिशियल ई-मेल आईडी पर धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो गईं। पुलिस ने एहतियातन कोर्ट परिसरों को खाली कराकर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जयपुर उच्च न्यायालय (Rajasthan High Court in Jaipur) में करीब एक घंटे तक न्यायिक कार्य स्थगित रहा।
जानकारी के अनुसार दिसंबर से अब तक कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की यह चौथी धमकी है। हालांकि तलाशी के बाद किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
जयपुर हाईकोर्ट चौकी प्रभारी सुमेर सिंह (Jaipur High Court outpost in-charge Sumer Singh) ने बताया कि शुक्रवार सुबह कोर्ट की ऑफिशियल मेल पर हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने कोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच की। सुरक्षा कारणों से एक घंटे तक सुनवाई टाल दी गई। जांच के बाद कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जोधपुर उच्च न्यायालय की ऑफिशियल मेल पर भी शुक्रवार सुबह धमकी मिली। रजिस्ट्रार प्रशासन ने तत्काल आला अधिकारियों को सूचना दी। मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर प्रशासन हरकत में आया और झालामंड स्थित नए हाईकोर्ट परिसर सहित दोनों परिसरों को कुछ ही मिनटों में खाली करा लिया गया।
एडीसीपी नीरज शर्मा ने बताया कि बम की सूचना के बाद पूरे परिसर की गहन जांच की गई। एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि यह सिक्योरिटी से जुड़ा कम्युनिकेशन था। जोधपुर हाईकोर्ट परिसर को लेकर यह पहली बार धमकी मिली है, जबकि जोधपुर कलेक्ट्रेट को पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं। बताया जा रहा है कि अब तक जोधपुर में पांच बार कोर्ट या सरकारी परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। पुलिस मेल के स्रोत की जांच में जुटी है।
अजमेर में संभागीय आयुक्त को मेल के जरिए कोर्ट परिसर में 13 आरडीएक्स लगाए जाने की सूचना दी गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और डॉग स्क्वॉड टीम ने तुरंत कोर्ट परिसर खाली कराकर सघन तलाशी ली। लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
एसपी वंदिता राणा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि धमकी भरा मेल कहां से भेजा गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिला कलेक्ट्रेट को भी चार बार बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है।
जयपुर हाईकोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी पहली बार गत वर्ष 31 अक्टूबर को मिली थी। जिसके बाद अज्ञात बदमाश ने 5 दिसंबर को कोर्ट परिसर में बम होने की दूसरी बार धमकी दी। जिसके पश्चात 8 दिसंबर को लगातार चार पर मेल के जरिए बस ब्लास्ट को लेकर हाई कोर्ट प्रशासन को मेल के जरिए धमकी मिली। लेकिन वहां से कुछ बरामद नहीं हुआ।


