जयपुर : इस साल दो सावन होने से शिव भक्तों में भारी उल्लास और खुशी है। उन्हें 59 दिन भोलेनाथ की आराधना करने का अवसर प्राप्त होगा। सावन में दो शिवरात्रि 15 जुलाई और 14 अगस्त को होगी। चार के बजाय आठ सोमवार होंगे। अधिक मास के कारण ऐसा होने जा रहा है। ऐसा संयोग 19 साल बाद बनने जा रहा है। जिस वजह से हिंदू कैलेंडर 12 की बजाए 13 महीनों का हो गया है। शास्त्रों में अधिक मास को मलमास या पुरुषोत्तम मास कहा गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2023 में मलमास का महीना 18 जुलाई से शुरू होगा और 16 अगस्त 2023 तक रहेगा। उल्लेखनीय है कि हर तीन साल यानी हर 36 महीने और 16 दिन के बाद मलमास आता है।
पंडित श्रीकृष्ण चंद शर्मा ने बताया कि अधिक मास के कारण इस बार सावन मास की अवधि करीब दो माह तक होगी। चार जुलाई से 31 अगस्त तक सावन माह रहेगा। सावन 59 दिन का होगा। वहीं अधिक मास 18 जुलाई से 16 अगस्त तक रहेगा। साथ ही अधिक मास वाले साल के कारण 2022 की तुलना में 2023 में सभी पर्व-त्योहार दो से तीन सप्ताह की देरी से आएंगे। अधिकमास वाला साल हर तीन वर्ष पर एक बार आता है। सबसे बड़ी बात कि यह पीछे की ओर चलता है। जैसे 2018 में अधिकमास भाद्रपद में था, तो 2020 में अश्विन था। अब सावन में होगा। इस अंतर को मिटाने के लिए नव संवत्सर में अधिक मास की व्यवस्था की गई है। 4 जुलाई से 31 अगस्त तक सावन का महीना रहेगा। 18 जुलाई से सोलह अगस्त तक की अवधि अधिक मास की रहेगी। 29 जून से 23 नवंबर तक यानी 148 दिन 2023 में चातुर्मास रहेगा।


