जबलपुर : नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान एवं विश्वविद्यालय जबलपुर के छात्र जल्द ही रूस जाकर ना सिर्फ वहां के वन्य प्राणियों पर शोध करेंगे, बल्कि यह भी जानेंगे कि भारत और रूस के वन्य प्राणियों में कितनी समानताएं हैं। इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि जब भारतीय छात्र वाइल्ड लाइफ से जुड़ी जानकारियों का अध्ययन करने रूस जा रहे हैं। भारत का रूस से एमओयू साइन हुआ है, जिसके तहत सितम्बर माह में देश से चार छात्र रूस जाएंगे उसके बाद फिर रूस के छात्र भारत आएंगे।
नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय के चार छात्र रूस जा रहे हैं। मेडिसिन, सर्जरी, माइक्रोबायोलॉजी और फार्मा के छात्र हैं, जिन्हें कि मेरिट लिस्ट के आधार पर रूस जाने का मौका मिला है। इन 4 छात्रों के साथ 3 लोगों का स्टाफ भी साथ में रहेगा। लगभग 30 दिन के रशिया टूर में नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय की छात्र रहेंगे। इस दौरान छात्र वहां की टेक्नोलॉजी, पढ़ाई और वातावरण को जानेंगे।
कुलपति डॉ. एसपी तिवारी ने गुरुवार को बताया कि केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार हमेशा से प्रयास करती आ रही है कि शिक्षा की गुणवक्ता को किस तरह से बढ़ाया जाए। इसी क्रम के तहत हाल ही में रूस से एमओयू साइन किया गया है। जिसके तहत सितंबर माह में 4 छात्र 30 दिनों के लिए रशिया जा रहे हैं। छात्र वहां जाकर टेक्नोलॉजी की जानकारी लेंगे। और इसके बाद वहां से कुछ सीखकर आने के बाद देश में पशु चिकित्सा एवं वन्य जीवों पर काम कर सकेंगे जिससे छात्रों को उनके अध्ययन पर बल मिलेगा और वह बेहतर से बेहतर काम करेंगे। देश की आजादी के बाद यह पहला मौका है जब किसी भारतीय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के कोई छात्र विदेशी तकनीकी को जानने के लिए विदेश जा रहे हैं।


