
अरुणाचल सरकार की नौ माइक्रो हाइडल परियोजनाओं और आईटीबीपी की 14 परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया
इटानगर : केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांव किबितू में ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीमावर्ती गांवों के प्रति जनता का दृष्टिकोण बदला है, अब सीमावर्ती क्षेत्र में जाने वाले लोग इसे आखिरी गांव नहीं, बल्कि भारत के पहले गांव के रूप में जानते हैं।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता हैं, सीमा की सुरक्षा ही राष्ट्र की सुरक्षा है इसलिए मोदी सरकार बॉर्डर पर इनफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। विरोधी पार्टी की 12 सरकारें बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जो काम नहीं कर सकी, वो प्रधानमंत्री मोदी ने दो कार्यकाल में ही कर लिया है।
उन्होंने कहा कि हमारी सेना और आईटीबीपी के वीर जवानों के शौर्य के कारण कोई भी हमारे देश की सीमा की तरफ आंख उठा कर नहीं देख सकता। अब वो जमाना चला गया जब कोई भी भारत की भूमि का अतिक्रमण कर सकता था। आज एक इंच जमीन पर भी कोई अतिक्रमण नहीं कर सकता।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 3 चरणों में होने वाले वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के माध्यम से पूरी उत्तरी सीमा के सभी गांवों से पलायन रोकना, पर्यटन को बढ़ावा देना और शहरों जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना मोदी सरकार का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए सड़क संपर्क के लिए विशेष रूप से 2500 करोड़ रुपये सहित 4800 करोड़ रुपये के केंद्रीय योगदान के साथ ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ को मंजूरी दी है।
यह कार्यक्रम सीमावर्ती गांवों के लोगों के जीवनस्तर में सुधार करने में मदद करेगा और उन्हें अपने मूल स्थानों पर रहने के लिए प्रोत्साहित करेगा। जिससे इन गांवों से पलायन रुकेगा और सीमा की सुरक्षा भी मजबूत होगी। अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में उत्तरी सीमा से सटे 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में 2967 गांवों की ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत व्यापक विकास के लिए पहचान की गई है।
‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत केन्द्र, राज्य, जिला और ब्लॉक-स्तर पर प्रशासन में पंचायत और ग्राम सभा की भागीदारी और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी और सभी योजनाओं पर शत-प्रतिशत अमल के लिए इन्हें इंटीग्रेटेड और कोऑर्डिनेटेड तरीके से तैयार किया गया है। 2014 के पहले समस्त पूर्वोत्तर को समस्याग्रस्त क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन मोदी की लुक ईस्ट नीति के कारण अब पूर्वोत्तर समस्याग्रस्त नहीं, बल्कि संपन्नता व विकास के क्षेत्र के रूप में जाना जाने लगा है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 70 प्रतिशत नॉर्थ ईस्ट से अफ्सपा को हटा लिया है और वो दिन दूर नहीं है जब पूरे नॉर्थ ईस्ट से इसे हटा लिया जाएगा। मोदी सरकार की नीतियों के कारण हथियार उठाने वाले युवा आज मुख्यधारा में आकर भारत के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं।
अमित शाह ने अरुणाचल प्रदेश सरकार की नौ माइक्रो हाइडल परियोजनाओं और 120 करोड़ की लागत से आईटीबीपी की 14 परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, केन्द्रीय गृह सचिव और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


