
इस्लामाबाद : (Islamabad) पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने अशांत प्रांत बलोचिस्तान (province of Balochistan) के नुश्की को चारों ओर से घेर लिया है। आसमान पर सेना के विमान मंडरा रहे हैं। सुरक्षाबलों ने नुश्की जिले की सारी सीमाओं पर नाकाबंदी कर आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। चोरी-छुपे शहर से बाहर निकलने की कोशिश करने वालों पर गोलियां बरसाई जा रही हैं। प्रांत के मुस्तांग में सशस्त्र हमले में पाकिस्तान सेना के अनेक जवानों के मारे जाने और कइयों के घायल होने की सूचना है।
द बलोचिस्तान पोस्ट (The Balochistan Post) की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने नुश्की शहर के प्रवेश और निकास द्वारों पर भारी घेराबंदी कर दी है। बाजार पूरी तरह बंद है। प्रवेश द्वारों को अवरुद्ध करके किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं है। इलाके के एक निवासी ने बताया कि आज सुबह नुश्की बाजार, गाजियाबाद, ग्रेड स्टेशन, गरीबाबाद और आसपास के अन्य स्थानों पर सुरक्षाबलों के सैकड़ों जवानों को तैनात किया गया है।
इसके अलावा कल नुश्की के कादिरबाद गांव को सुरक्षाबलों ने घंटों घेरे रखा। इस बीच गोलीबारी की आवाजें भी सुनाई दीं। ग्रामीणों ने बताया कि कादिरबाद के नूर मोहम्मद मेंगल के बेटे आबिद मेंगल और मोहम्मद रहीम जान बदिनी के बेटे ताहिर खान को सुरक्षाबलों के जवान हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले गए। इस संबंध में अधिकारिक जानकारी अभी तक नहीं दी गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले दो महीनों से नुश्की शहर में सुरक्षा बलों ने आंशिक कर्फ्यू लगा रखा है।
इसके अलावा, बलोचिस्तान के मस्तुंग इलाके में सशस्त्र लोगों के पाकिस्तान की फौज पर हुए हमले में कई जवान मारे गए हैं। क्वेटा से सटे मैदानी इलाके कंबेला में सशस्त्र लोगों ने पाकिस्तान की सेना को निशाना बनाया गया है। इससे पहले सशस्त्र लोगों ने मुख्य राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया। पाकिस्तान की सेना का काफिला जब गुजरा तो उस पर गोलीबारी की गई।
प्रांत के झाल मगसी जिले में सशस्त्र लोगों ने लेवीज फोर्स की दो चौकियों पर कब्जा कर लिया है। पहली चौकी लांडी और दूसरी सफरादी में है। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के हथियार और मोटरसाइकिलें छीन ली गईं। इस घटना की अभी तक किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है। क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार, सशस्त्र लोग बलोच सशस्त्र स्वतंत्रता संगठन से संबंधित हैं।
बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट के प्रवक्ता मेजर घोरम बलोच (Major Ghoram Baloch, a spokesperson for the Balochistan Liberation Front) ने मीडिया को जारी एक बयान में कहा कि उनके कमांडरों ने 9 अप्रैल की शाम 6:00 बजे समन्वित और व्यवस्थित सैन्य अभियान शुरूकर तुरबत शहर के पास सीपीईसी के मुख्य मार्ग एम-8 को अवरुद्ध कर कई घंटों तक राजमार्ग पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण हासिल कर लिया। प्रवक्ता ने बताया कि लड़ाकों ने दश्त शाह दाद होटल से आगे बढ़ते हुए लोदी जंगजाह स्थित पुलिस चौकी पर धावा बोला और उस पर कब्जा कर लिया। सभी सरकारी हथियार और अन्य सैन्य उपकरण जब्त कर लिए गए।
उन्होंने कहा कि अभियान के दूसरे चरण में लड़ाकों ने दुश्मन की जासूसी प्रणाली को पंगु बनाने के लिए तकनीकी हमले किए और दश्त शाह दाद होटल के पीछे पहाड़ी चौकियों पर स्थापित पाकिस्तान की सेना के नए निगरानी कैमरों, बिजली आपूर्ति के लिए स्थापित सौर पैनलों और अन्य संवेदनशील उपकरणों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया। 10 अप्रैल को भी लड़ाकों ने राजमार्ग को अवरुद्ध कर लगातार दो घंटे तक पूरे क्षेत्र को अपने पूर्ण नियंत्रण में रखा। अगले दिन लड़ाकों ने नुश्की के अहमद वाल महसाकी इलाके में पुलिस चौकी पर धावा बोलकर उस पर कब्जा कर लिया।


