इस्लामाबाद : (Islamabad) पाकिस्तान में तेज बरसात के बाद आई बाढ़ के कहर में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 540 हो गई। इस बीच राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) (NDMA) ने रविवार को चेतावनी जारी की है कि पंजाब और खैबर-पख्तूनख्वा में खतरा बरकरार है। दोनों प्रांतों में भारी बरसात होने और बादल फटने की आशंका है।
द न्यूज इंटरनेशनल अखबार की खबर के अनुसार, लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी (spokesperson Bilal Ahmed Faizi) ने बताया कि खैबर-पख्तूनख्वा के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 373 शव बरामद किए गए हैं। इनमें से ज्यादातर बुनेर जिले से हैं। बुनेर और अन्य जिलों में बचाव और तलाशी अभियान जारी है। बुनेर में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। सूत्रों ने बताया कि रविवार रात तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 540 हो गई है।
एनडीएमए के अनुसार, सितंबर की शुरुआत तक भारी वर्षा होने की संभावना है। लाहौर, रावलपिंडी, इस्लामाबाद और गुजरांवाला (Lahore, Rawalpindi, Islamabad and Gujranwala) में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जबकि उत्तरी क्षेत्रों में भूस्खलन का अतिरिक्त खतरा है। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान लगभग 5,212 लोगों को बचाया गया। बुनेर के पिशुनई और अन्य प्रभावित गांवों के कब्रिस्तान में 50 से अधिक लोगों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
एनडीएमए के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद तैय्यब शाह (NDMA spokesperson Dr Mohammad Tayyab Shah) ने पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करने की चेतावनी जारी की है। पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग ने 22 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अनुमान जताया है। इस बीच रावलपिंडी के नाला लाई सहित उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में धारा 144 लागू की गई है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shehbaz Sharif) के निर्देश पर एनडीएमए ने रविवार को पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।


