हिसार : मारपीट के मामले में समझौते के लिए डाले जा रहे दबाव के चलते हांसी के सरकारी स्कूल के चपरासी ने स्कूल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार को सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पुलिस को दी शिकायत में मसूदपुर निवासी मोहित ने बताया कि वह चंडीगढ़ में नेवी की कोचिंग लेता है। वे दो भाई हैं। बड़ा वह है और छोटा भाई सोहित है। उसके पिता कुलबीर सिंह गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में चपरासी की नौकरी करते थे। रात को भी स्कूल में ही ड्यूटी पर सोते थे। रात को उसके पिता घर में खाना खाकर स्कूल में चले गए। सोमवार सुबह को उन्हें सुचना मिली कि उनके पिता ने स्कूल के कमरा में फंदा लगा लिया है। इस सूचना पर वह और उसके परिजन स्कूल पहुंचे। यहां उन्होंने पिता को प्रिंसीपल कार्यालय के साथ वाले कमरे में पंखे की हुक से लटके हुए देखा। उन्होंने रस्सी से फंदा लगा रखा था।
मोहित ने कहा कि वह ताऊ राजबीर के घर गया हुआ था। यहां रमेश, आशीष, रोहित उर्फ राहुल ने मकान में घुसकर उसे व उसके ताऊ के लड़के मंजीत से मारपीट की थी। इस संबंध में आरोपितों पर केस दर्ज हुआ था। अब उसका केस हिसार अदालत में चल रहा है। अब रमेश, आशीष व राहुल उस पर व उसके पिता पर काफी दिनों से केस में राजीनामा करने का दबाव बना रहे थे और उसके पिता को डरा धमका रहे थे। इसी दबाव व परेशानी के चलते उसके पिता ने आत्महत्या की है।


