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Hisar : लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश, चिकित्सक सहित चार पर मामला दर्ज

दलालों ने 88 हजार रुपये में लिंग जांच करना स्वीकार

जांच नहीं हुई तो पैसे वापिस देते समय टीम ने दबोचा

हिसार : स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर में लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चिकित्सक सहित चार पर केस दर्ज करवाया है। इनमें एक चिकित्सक है जबकि तीन अन्य दलाल व इस गिरोह से जुड़े लोग हैं। विभाग ने यह मामला पिछले माह पकड़ा था और जांच के बाद केस दर्ज करवाया गया है।

गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने हिसार के विनायक अस्पताल के संचालक डॉ. राजन ठकराल के अलावा पवन चहल, रमेश दलाल और सोनू दलाल के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. प्रभुदयाल को 18 जून को सूचना मिली कि हिसार में गिरोह अवैध रूप से भ्रूण जांच कर रहा है। इसके बाद डॉ. प्रभुदयाल के नेतृत्व में डॉ. कामिद मोंगा व डॉ. विक्रम गोरिया को टीम में शामिल किया गया और 20 जून की सुबह एक गभर्वती महिला को ग्राहक बनाने के लिए तैयार किया गया। महिला को 75 हजार रुपए की राशि दी गई। उसी दिन ही दलालों से भ्रूण जांच के लिए आग्रह किया गया लेकिन उस दिन उन्होंने मना कर दिया लेकिन बाद में 88 हजार देने पर जांच करवाने की हामी भरी।

विभाग के अनुसार दलालों ने 25 जून को गर्भवती महिला को सुबह सात बजे जांच के लिए बुलाया। इस दौरान डॉ. गौरव पूनिया डिकॉय महिला के साथ उनके परिचित बनकर गए। दलाल ने महिला को हिसार के बस अड्डे पर बुलाया। डॉ. गौरव पूनिया और गर्भवती महिला बस स्टेंड पर एक निजी वाहन में गए जहां उन्हें दलाल सोनू व रमेश मिले। सोनू ने 82 हजार रुपए गिने। इसमें से 32 हजार 500 रुपए सोनू और रमेश ने अपने पास रख लिए। बाकी की राशि दोनों को वापस कर दी और कहा कि यह अल्ट्रासाउंड करने वाले व्यक्ति को देनी है। इसके बाद सोनू दलाल ने डिकॉय महिला और उसके सहयोगी डॉ. गौरव के मोबाइल बंद करवाकर उनकी गाड़ी में ही रखवा दिए और सोनू दलाल निकल गया। रमेश, महिला और डॉक्टर भूना जाने वाली बस में बैठकर चल दिए। रमेश ने महिला और डॉक्टर को नहला गांव में साढ़े 10 बजे उतार दिया और कहा कि एक व्यक्ति लेने आएगा। खुद वह बरवाला जाने वाली बस में चढक़र निकल गया।

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