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Himachal : मणिमहेश यात्रा में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत, 10 हजार फंसे

शिमला : (Shimla) हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले (Chamba district of Himachal Pradesh) में मूसलाधार बारिश एवं भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच मणिमहेश यात्रा के दौरान अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इनमें से तीन शव अब तक नहीं मिल पाए हैं। वहीं करीब 10 से 12 हजार यात्री मार्ग टूटने के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं।

लगातार बारिश और भूस्खलनों से चम्बा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग (Chamba-Bharmaur National Highway) सहित जिले के सैकड़ों मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गए हैं। बिजली के ट्रांसफार्मर और पेयजल योजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे पूरे जिले में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र जनजातीय पांगी और भरमौर रहे हैं, जहां संचार सेवाएं भी कई दिनों से ठप हैं। जिले में पिछले चार दिनों तक मोबाइल और नेटवर्क सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं और केवल बीती रात कुछ हद तक बहाल हो सकीं। हालांकि भरमौर क्षेत्र में अब भी संचार व्यवस्था सुचारू नहीं हो पाई है।

बारिश और भूस्खलन के चलते मणिमहेश यात्रा (Manimahesh Yatra) को बंद कर दिया गया है। हजारों श्रद्धालु रास्ते में फंसे हैं। प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य कर रही हैं। इसके अलावा हेलीकॉप्टर की मदद से भी यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि फंसे हुए श्रद्धालु सुरक्षित हैं और उनके रहने-खाने की व्यवस्था रास्ते में ही कर दी गई है। पैदल ट्रैक पर फंसे 29 यात्रियों को भी भरमौर तक पहुंचाने का कार्य जारी है।

चम्बा उपायुक्त मुकेश रेपसवाल (Chamba Deputy Commissioner Mukesh Repaswal) ने बताया कि 24 से 26 अगस्त के बीच सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दौरान सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से यात्री बीच रास्ते में फंसे हैं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोग किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें क्योंकि यात्रा के दौरान कोई बड़ी त्रासदी नहीं हुई है। हालांकि, मौसम की मार से सड़कें और व्यवस्थाएं जरूर बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 अगस्त से अब तक यात्रा में 11 श्रद्धालुओं की मौत दर्ज की गई है। इनमें से 8 शवों की पहचान कर परिजनों को सूचित कर दिया गया है, जबकि तीन शव अभी तक बरामद नहीं किए जा सके हैं। उन्होंने कहा कि फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित घरों तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है।

हिमाचल पुलिस ने फंसे श्रद्धालुओं के रसक्यू के लिए चलाया ऑपरेशन हौंसला

उधर, भारी बारिश और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित चम्बा जिला के जनजातीय क्षेत्र भरमौर में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने “ऑपरेशन हौंसला” शुरू किया है। पुलिस ने बताया कि इलाके में बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप है, लेकिन राहत व बचाव के लिए पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें दिन-रात काम कर रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और धैर्य बनाए रखें।

हिमाचल पुलिस के अनुसार नेटवर्क बाधित होने से लोग अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में परिचितों की जानकारी प्राप्त करने के लिए शिमला पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 0177-2621796 और 0177-2621714 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी आपदा में तुरंत आपातकालीन सेवा नंबर 112 पर कॉल करने को कहा गया है। पुलिस ने अपने संदेश में कहा, “जनता की ढाल, सेवा की मिसाल – हिमाचल पुलिस।”

प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना (State Chief Secretary Prabodh Saxena) ने बताया कि चंबा-भरमौर मार्ग पर बग्गा और दुर्गट्टी क्षेत्रों में भारी भूस्खलन हुआ है। इसके चलते चंबा शहर में लगभग 10 हजार लोग फंसे थे, जिनमें से करीब 7,000 लोग चंबा-पठानकोट मार्ग खुलने के बाद अपने घरों को लौट गए हैं। भरमौर में अब भी लगभग 3,000 तीर्थयात्री फंसे हुए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि फंसे लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आवश्यकता पड़ने पर राशन तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की। इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया (Assembly Speaker Kuldeep Pathania) आज चंबा का दौरा करेंगे। वहीं, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह पहले ही स्थिति का जायजा लेने चंबा रवाना हो चुके हैं।

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