
हमीरपुर : (Hamirpur) पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर (Former Union Minister and BJP MP from Hamirpur, Anurag Singh Thakur) ने केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘जी-राम-जी’ को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजदूर हितों को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी एवं ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी देगी, बल्कि वर्षों से चली आ रही व्यवस्थागत खामियों और भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करेगी।
हमीरपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) जी के नेतृत्व में पेश किया गया यह विधेयक सिर्फ एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाने वाला एक सशक्त मिशन है। जी-राम-जी ग्रामीण भारत को विकसित भारत यात्रा का मजबूत पथप्रदर्शक बनेगा।”
अनुराग ने बताया कि नए कानून के तहत प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी, जो मनरेगा के 100 दिनों से 25 दिन अधिक है। उन्होंने कहा, “अब मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर होगा। देरी होने पर मजदूरों को ब्याज सहित राशि मिलेगी। काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। यह पारदर्शिता और जवाबदेही का नया मॉडल है।”
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब गरीबों को राहत मिलती है, कांग्रेस आहत हो जाती है। कांग्रेस का इतिहास सिर्फ योजनाओं के नाम बदलने का रहा है। उसने गांधी जी के नाम का उपयोग 2009 के चुनाव से ठीक पहले सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया। उनका बापू प्रेम केवल दिखावा है। हमने जियो-टैगिंग, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और पारदर्शी व्यवस्था लाकर गरीबों के हक की रक्षा की है, यही महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि कोविड काल (COVID-19 pandemic) में मोदी सरकार ने मजदूरों के लिए अपना खजाना खोल दिया और मनरेगा पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए, जबकि कांग्रेस के शासन में बिचौलिए ही पैसा खा जाते थे।


