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Guwahati : बजट सत्रः असम समझौते पर कांग्रेस का हंगामा, सदन से किया वॉकआउट

Guwahati: Budget Session: Congress uproar over Assam Accord, walkout from the House

गुवाहाटी: (Guwahati) असम विधानसभा के बजट सत्र के बीच विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को सदन में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस विधायकों ने असम समझौते पर नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया के सवाल का उचित जवाब नहीं मिलने पर सदन से वॉकआउट किया । विधायक देबब्रत सैकिया ने पूछा था कि असम सरकार ने असम समझौते के खंड 5 और 6 को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए हैं? क्या विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए असम समझौते के अनुसार अपनाई गई समय सीमा में परिवर्तन किया गया है? खंड 6 के कार्यान्वयन के लिए गठित समिति की सिफारिशों को कब लागू किया जाएगा?

सैकिया ने यह भी पूछा कि क्या खंड 6 के कार्यान्वयन के लिए भारत सरकार द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट असम समझौते के कार्यान्वयन के लिए नोडल विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार को सौंप दी गई है। क्या नागरिकता संशोधन अधिनियम ने असम समझौते के खंड 5 का अवमूल्यन किया है, असम सरकार ने असम समझौते के कार्यान्वयन के लिए असमिया को कैसे परिभाषित किया है?

विधायक के सवाल के जवाब में असम समझौता कार्यान्वयन मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि राजनीतिक (बी) विभाग के अनुसार असम समझौते के खंड 5 के कार्यान्वयन के लिए विदेशी अधिनियम, 1946 और विदेशी (न्यायाधिकरण) आदेश 1964 के अनुसार उपाय किए जा रहे हैं। मंत्री बोरा ने सदन को यह भी सूचित किया कि असम समझौता कार्यान्वयन विभाग ने विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए समझौते के अनुसार आधार वर्ष में बदलाव नहीं किया है।

खंड 6 के कार्यान्वयन के लिए गठित समिति की सिफारिशों का वर्तमान में असम सरकार द्वारा गठित उप-समिति में अध्ययन और समीक्षा की जा रही है। उप-समिति की रिपोर्ट पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। देबब्रत सैकिया के सवाल का जवाब देते हुए बोरा ने यह भी बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 केंद्र सरकार ने अधिनियमित किया है, इसलिए राज्य सरकार के पास इस बात पर अपनी राय देने का अधिकार नहीं है कि क्या असम समझौते के खंड 5 का अवमूल्यन किया गया है। मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि विभाग ने अभी तक असमिया की परिभाषा तय नहीं की है।

इस बीच, कांग्रेस के विधायकों ने मंत्री के जवाब के विरोध में हंगामा करना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन सिकदार ने सदन के पटल पर मंत्री के जवाब पर पूछा कि “असम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद असम गण परिषद ने दो बार असम पर शासन किया है। उसने कुछ भी नहीं किया। असम गण परिषद (अगप) अभी भी भाजपा के साथ सात साल से सत्ता में है। असम समझौते को लागू करने के लिए असम गण परिषद ने क्या किया है?

इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर सदन में असम समझौते के बारे में भ्रामक जानकारी देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस बीच विभागीय मंत्री अतुल बोरा ने कांग्रेस के विरोध पर तंज कसते हुए कहा कि अगर कांग्रेस असम समझौते की बात करती है तो यह भूत के मुंह से राम नाम जपने जैसा दिखता है। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने तंज कसते हुए कहा, ‘मैं भी कांग्रेस का विधायक था। मैं युवा कांग्रेस का अध्यक्ष भी था। जब मैं कांग्रेस में था, तो मैंने कांग्रेस को किसी भी बैठक में असम समझौते पर चर्चा करते नहीं देखा था। सीएए आंदोलन से ही कांग्रेस ने असम समझौते के नाम पर फायदा उठाने की कोशिश की है।”इसके बाद विपक्षी कांग्रेस के विधायक नाराज हो गए और आखिरकार विरोध में प्रश्नकाल के दौरान सदन से बाहर चले गए। इस प्रकार आज सदन में असम समझौते को लेकर फिर से एक बार जमकर हंगामा हुआ।

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