
दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ का उत्खनन तेज़ी से जारी
10 मार्च 2026 तक टनल बोरिंग मशीनों को शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया होगी शुरू
गोरेगांव : (Goregaon) मुंबई महानगरपालिका (Mumbai Municipal Corporation) द्वारा क्रियान्वित किए जा रहे गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग (GMLR) (Goregaon-Mulund Link Road) परियोजना के तहत गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर में 5.3 किलोमीटर लंबी, तिहरी लेन वाली जुड़वां सुरंग के निर्माण के लिए ‘लॉन्चिंग शाफ्ट’ का उत्खनन कार्य तेज़ी से प्रगति पर है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में दो अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों (TBM) के माध्यम से भूमिगत सुरंग निर्माण किया जाएगा।
टनल बोरिंग मशीनों की तैयारी
परियोजना अधिकारियों के अनुसार, एक टनल बोरिंग मशीन के सभी घटक स्थल पर उपलब्ध हो चुके हैं, जबकि दूसरी मशीन के शेष हिस्से 22 जनवरी 2026 (night of January 22, 2026) की रात तक कार्यस्थल पर पहुंचने की संभावना है। उत्खनन के पहले चरण का कार्य पूर्ण कर 10 मार्च 2026 तक टीबीएम को लॉन्चिंग शाफ्ट में उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद जून 2026 से प्रत्यक्ष सुरंग खुदाई कार्य आरंभ होगा।
अतिरिक्त आयुक्त ने किया स्थल निरीक्षण
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर (Additional Municipal Commissioner (Projects) Abhijit Bangar) ने 21 जनवरी 2026 को कार्यस्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा कार्य की गति और गुणवत्ता में किसी प्रकार की ढिलाई न हो। निरीक्षण के समय महानगरपालिका के आभियंता एवं परियोजना से जुड़े सलाहकार भी उपस्थित थे।
लॉन्चिंग शाफ्ट का आकार और प्रगति दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी परिसर (Dadasaheb Phalke Chitranagari complex) में निर्मित किए जा रहे लॉन्चिंग शाफ्ट का आकार लगभग 200 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और 30 मीटर गहरा है। वर्तमान में करीब 23 मीटर गहराई तक खुदाई पूरी कर ली गई है। शाफ्ट की दीवारों की सुरक्षा के लिए रॉक एंकरिंग की गई है। प्रतिदिन लगभग 1400 से 1500 क्यूबिक मीटर मिट्टी और चट्टान निकाली जा रही है, जिसे 120 वाहनों के माध्यम से बाहर ले जाया जाता है। शेष 7 मीटर खुदाई शीघ्र पूरी कर टीबीएम लॉन्च करने हेतु आवश्यक क्रैडल निर्माण के निर्देश दिए गए हैं।

तकनीकी चुनौतियां और लाभ
अभिजीत बांगर ने बताया कि टीबीएम को शाफ्ट में उतारने के बाद तीन महीनों में मशीन और उससे जुड़ी तीन गैंट्री स्थापित की जाएंगी। प्रत्येक सुरंग का बाहरी व्यास लगभग 14.42 मीटर होगा तथा पेटी सुरंग सहित कुल लंबाई लगभग 6.62 किलोमीटर होगी गोरेगांव–मुलुंड जोड़ मार्ग (Goregaon-Mulund Link Road project) परियोजना मुंबई के पूर्व और पश्चिम उपनगरों को जोड़ने वाला एक प्रमुख वैकल्पिक मार्ग बनेगा। इससे उत्तर मुंबई में यातायात का दबाव कम होगा, यात्रा दूरी लगभग 8.8 किलोमीटर घटेगी, समय व ईंधन की बचत होगी तथा कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।


