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Gopalganj : बसपा व ओवैसी की पार्टी से ज्यादा नोटा को वोट; गोपालगंज में 42 हजार से अधिक वोटर्स ने दबाया नोटा

गोपालगंज : जिले के लोकसभा परिणामों में कई रोचक तथ्य भी सामने आए हैं, जिसमें गोपालगंज संसदीय सीट के लिए खड़े 9 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट पड़े हैं। लोकसभा 24 के चुनाव में 42 हजार 863 मतदाताओं ने नोटा को चुना है। जिले के सभी विधान सभा क्षेत्र के पोलिंग बूथों में 42 हजार 863 लोगों ने नोटा का बटन दबाया है। ओवैसी और बीएसपी पार्टी के प्रत्याशियों को पड़े वोट से अधिक है।

एआईएमआईएम के दीनानाथ मांझी को 29 हजार 992 जबकि बीएसपी के सुजीत कुमार राम को 29 हजार 272 वोट मिले है। जबकि चुनाव मैदान में 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। जिसमें जदयू के डॉ आलोक कुमार सुमन को 5 लााख 11 हजार 866 वोट मिले। 1 लाख 27 हजार 180 वोट से वे अपनी जीत दर्ज कराया। वहीं दूसरे स्थान पर रहे वीआईपी पार्टी के प्रेम कुमार चंचल को 3 लाख 84 हजार 686 वोट मिले। अगर पिछले रिकॉड को देख जाए तो वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में नोटा को गोपालगंज में सर्वाधिक वोट मिले थे। तब 51,हजार 660 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था और कुल मतों में से करीब 5 प्रतिशत वोट नोटा के खाते में गए थे।

इस वर्ष में 2 प्रतिशत नोटा के वोट में कमी आई है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में नोटा गोपालगंज सीट पर सर्वाधिक वोट मिले थे, तब 51,660 मतदाताओं ने नोटा पर बटन दबाया था। इस बार भी बिहार में नोटा बटन पर सर्वाधिक वोट गोपालगंज लोकसभा सीट पर ही पड़े है। निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार नोटा में मिले वोट 42 हजार 713 समान्य है जबकि 150 पोस्टल बैलेट में शामिल है। अगर विधान सभा वार को देखा जाए तो गोपालगंज विधान सभा में 5667, कुचायकोट विधानसभा में 6884, भोरे विधानसभा में 8251, हथुआ विधानसभा क्षेत्र में 6527 बरौली विधानसभा क्षेत्र में 7072 और बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में 8312 वोट नोटा को मिली है।इस चुनाव में नोटा को करीब 42 हजार से ज्यादा वोट मिले। कह सकते हैं कि 42 हजार मतदाताओं ने अपना फर्ज निभाते हुए वोट तो दिया लेकिन उन्होंने किसी भी पार्टी या उनके उम्मीदवारों को इस लायक नहीं समझा कि वे उन्हें चुनें।

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