गोलाघाट (असम) : चिलचिलाती गर्मी ने प्रदेश के लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। जहां हर कोई गर्मी से निजात पाने के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं गोलाघाट जिला में गर्मी से राहत पाने के लिए सार्वजनिक रूप से मेढकी की शादी करायी गयी। गोलाघाट के कई लोग पूरे रीति-रिवाज के साथ आयोजित मेढकी की शादी में शामिल हुए। गोलाघाट में होने वाली इस शादी के दौरान विवाह समारोह में महिलाओं द्वारा उरुली एवं जोरानाम आदि के शब्दघोष से पूरा इलाका गूंज उठा।
मेढकी की शादी का आयोजन अतीत की परंपरा को ध्यान में रखते हुए गोलाघाट में किया गया। चिलचिलाती धूप के कारण किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेत की मिट्टी में बड़े-बड़े दरार पड़ गये हैं। जिसको लेकर अब किसानों सहित सभी की चिंता बढ़ती जा रही है। इस बीच गोलाघाट के शहरी क्षेत्र के पुराने अमलापट्टी और अठखेलिया के लोगों ने मिलकर बरसात की कामना से मेढकी की शादी का आयोजन किया।
अठखेलिया के दूल्हे के साथ गोलाघाट की बूढ़ी अमोलापट्टी दुल्हन की शादी करायी गयी। इस बीच दुल्हा के साथ विवाह समारोह में सैकड़ों बारातियों ने हिस्सा लिया। वहीं बारातियों का कन्या पक्ष की ओर से स्वागत किया गया।
असमिया परंपरा के अनुसार, शादी की रश्म बामुनिया पद्धति से की गयी। बारिश हो या न हो, इसकी चिंता किये बिना लोग पुरानी परंपरा का पालन करते हुए मेढकी की शादी का आयोजन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभी लोगों में इस आयोजन को लेकर मस्ती नजर आई। ज्ञात हो कि दंत मान्यताओं के अनुसार मेढकी की शादी कराने से बरसात होगा, ऐसी मान्यता है।


