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Ghaziabad : नमो भारत ट्रेन तपती गर्मी में यात्रियों को करा रही आरामदायक यात्रा अनुभव

भारत ट्रेनों में अब तक 10 लाख लोगों ने किया सफर

गाजियाबाद : नमो भारत ट्रेन तपती गर्मी में यात्रियों को आरामदायक यात्रा अनुभव करा रही है। ट्रेनों में अत्याधुनिक एयर कंडीशनिंग सिस्टम यात्रियों को चिलचिलाती गर्मी से बचाने में मददगार बन रहा है। पर्याप्त उन्नत कूलिंग क्षमता के साथ यह सिस्टम तपते तापमान के बीच भी नमो भारत ट्रेन के भीतर एक ताज़ा और ठंडा वातावरण सुनिश्चित कराने में सक्षम है। इसके साथ ही नमो भारत ट्रेनों में अब तक यात्रा करने वाले यात्रियों का आंकड़ा 10 लाख पहुंच चुका है।

एनसीआरटीसी के प्रवक्ता पुनीत वत्स ने बताया कि यात्रियों को आरामदायक अनुभव प्रदान करने के लिए हर ट्रेन के कोच का तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रखा जाता है। हालांकि इसे मौसम के हिसाब से बदला भी जाता है। गर्मी, सर्दी और मॉनसून आदि में जरूरतानुसार ट्रेन के भीतर के तापमान में परिवर्तन किया जा सकता है। सबसे अधिक ठंडक की जरूरत गर्मी की मौसम में होती है। नमो भारत ट्रेन का एसी सिस्टम इसे देखते हुए ही डिजाइन किया गया है। सिर्फ युवा वर्ग ही नहीं, नौकरीपेशा लोग और वृद्धजन भी तपते मौसम में नमो भारत की सवारी करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। शुरुआत में 17 किलोमीटर के सेक्शन का उदघाटन अक्तूबर 2023 में किया गया था और उसके बाद मार्च 2024 से 17 किमी के सेक्शन को और परिचालित किया गया। वर्तमान में यात्रियों के लिए 34 किलोमीटर का सेक्शन संचालित है।

इसके अलावा वातानुकूलित हवा को बचाए रखने के लिए नमो भारत ट्रेन के दरवाजे पैसेंजर कंट्रोल मोड में चलते हैं यानी हर स्टेशन पर दरवाजे खुद नहीं खुलते हैं, बल्कि उन्हें खोलने के लिए यात्री को ही पुश बटन दबाना होता है। देश में ऐसी प्रणाली पहली बार केवल नमो भारत ट्रेन में ही इस्तेमाल की जा रही है। इसका फायदा एसी सिस्टम को मिलता है। हर स्टेशन पर सभी दरवाजे खुलने से ज्यादा ऊर्जा भी खर्च होती, साथ ही कोच की अंदर की वातानुकूलित हवा भी बाहर जाती। फिर से कोच को ठंडा करने के लिए एसी सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ता। ऐसे में नमो भारत ट्रेन में इस तकनीक से ऊर्जा की बचत होती है तथा यात्रियों को भी लाभ मिलता है।

भारत की पहली सेमी हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन फिलहाल साहिबाबाद से मोदीनगर नॉर्थ तक के 34 किलोमीटर सेक्शन पर संचालित हो रही है। हर 15 मिनट पर ये ट्रेन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रही है। दिल्ली-मेरठ के पूरे कॉरिडोर के जून-2025 तक चालू होने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें मेरठ साउथ से मोदीपुरम डिपो तक के रूट पर चलने वाली मेरठ मेट्रो एमआरटीएस परियोजना भी शामिल है।

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