जिनेवा : (Geneva) अमेरिकी विदेशमंत्री मार्को रुबियो (US Secretary of State Marco Rubio) ने रविवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच यूक्रेन में युद्ध रोकने के मकसद से हुई बातचीत को सार्थक और महत्वपूर्ण बताया। रुबियो ने पहले दौर की वार्ता के बाद कहा कि यह अब तक की सबसे अच्छी कोशिश है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) के 28 सूत्री शांति प्रस्ताव पर कुछ बदलाव किए गए हैं। यह यूक्रेन और रूस दोनों को मंजूर हों। व्हाइट हाउस ने रविवार को कहा कि यूक्रेन का मानना है कि शांति प्रस्ताव में किए गए बदलाव उनके राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा करते हैं।
यूक्रेन के व्लादिमीर जेलेंस्की (Ukraine’s Vladimir Zelensky) ने भी उम्मीद जताई कि बातचीत अच्छे नतीजों की तरफ बढ़ी है। टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संबोधन में जेलेंस्की ने कहा कि बहुत कुछ बदल रहा है। हम युद्ध खत्म करने के लिए जरूरी कदमों पर ईमानदारी से काम कर रहे हैं। जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ़ एंड्री यरमक ने जिनेवा वार्ता को सफल बताते हुए ट्रंप की कोशिशों के लिए उनका आभार जताया है।
व्हाइट हाउस और जेलेंस्की के संयुक्त बयान में भी जिनेवा बातचीत को बहुत फायदेमंद बताया गया है। बयान में अमेरिका और ट्रंप का लगातार कोशिशों के लिए शुक्रिया भी जताया। इस बीच ट्रंप ने कीव को प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए गुरुवार तक का समय दिया है। रुबियो ने जिनेवा में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल और कई दूसरे अधिकारियों के साथ यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (German Chancellor Friedrich Merz) ने कहा कि उन्हें शक है कि ट्रंप की डेडलाइन तक कोई समझौता हो पाएगा। इस बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ एक अलग मीटिंग जल्द होगी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यह प्रस्ताव शांति समझौते का आधार बन सकता है।


