गाैतमबुद्ध नगर : (Gautam Buddha Nagar) नगर के प्रतिष्ठित संगीतायन फाउंडेशन ने वार्षिक समाराेह में अपने जमाने के मशहूर वयाेवृद्ध शायर पीपी श्रीवास्तव ‘रिंद’ काे लाइफटाइम अचीवमेंट (prestigious Sangeetyan Foundation honored veteran poet PP Srivastava ‘Rind’ with the Lifetime Achievement Award) अवार्ड से नवाजा। इसके अलावा फाउंडेशन ने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सात अन्य लाेगाें काे भी सम्मानित किया। इनमें पत्रकार, समाजसेवी, डाॅक्टर और शिक्षाविद् शामिल थे। इसके बाद हुए कवि सम्मेलन के कई प्रतिष्ठित कवियाें ने समां बांधा।
नगर के सेक्टर छह स्थित एनईए के सभागार में रविवार देर शाम मुख्य अतिथियाें के दीप प्रज्जवलन के साथ संगीतायन फाउंडेशन का वार्षिक समाराेह शुरू हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेतना समिति पटना के अध्यक्ष विवेकानंद झा ने की। समारोह में देहरादून के गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र, जमशेदपुर के शिक्षावि्द डाॅ विजय कुमार मिश्रा, जीएसटी ट्रिब्यूनल के पूर्व सदस्य अरविन्द श्रीवास्तव, चेतना समिति पटना के उपाध्यक्ष उमेश मिश्र, कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष अखिलेश मिश्र और संगीतायन फाउंडेशन के अध्यक्ष अवनीन्द्र ठाकुर मंच पर माैजूद रहे। स्वागताध्यक्ष अखिलेश मिश्र ने सभी अतिथियाें का स्वागत किया। इसके बाद फाउंडेशन के अध्यक्ष ठाकुर ने संगीतायन की यात्रा के दाैरान संघर्ष और चुनाैतियाें और अपने प्रयासाें पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके बाद सम्मान की श्रृंखला में अतिथियाें ने नाेएडा के वरिष्ठ पत्रकार व जन प्रसून के संपादक वीरेन्द्र मलिक, जय हिन्द जनाब समाचार पत्र के संपादक माेहम्मद आजाद और वरिष्ठ पत्रकार विनाेद शर्मा काे गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया। इसके साथ ही अतिथियाें ने नाेएडा के प्रसिद्ध समाजसेवी व नवरत्न फाउंडेशन के अध्यक्ष अशाेक श्रीवास्तव काे डाॅ विन्देश्वरी पाठक सम्मान, प्रसिद्ध चिकित्सक डाॅ नरेन्द्र गुप्ता और डाॅ पीके सिन्हा काे धन्वतरि चिकित्सा सम्मान और प्रसिद्ध गायक प्रशुन मुखर्जी काे रवीन्द्रनाथ ठाकुर कलारत्न सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम का संचालन अशाेक श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम में अतिथियों ने वयोवृद्ध शायर पीके श्रीवास्तव ‘रिंद’को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। 93 वर्षीय रिंद साहब जब व्हीलचेयर से हाल में पहुंचे ताे सभी दर्शकाेें ने उनका खड़े हाेकर स्वागत किया। मंचासीन अतिथियाें ने नीचे उतर कर उन्हें
शाल ओढ़ाकर और प्रतीक चिह्न व उपहार देकर सम्मानित किया। उर्दू के वरिष्ठतम शायराें में शुमार पीपी श्रीवास्तव के पिता काेतवाल थे। फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ में पढ़ाई करने के बाद रिंद ने शायर सागर अजमेरी के सानिध्य में शायरी लिखने का सफर शुरू किया था। उनकी उर्दू
शासरी की सोलह पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। उनकी शायरी संकलन की पहली पुस्तक 1916 में रेग-ज़ार प्रकाशित हुई थी।
सम्मान समाराेह के बाद कवि सम्मेलन शुरू हुआ, जिसमें गीतकार डाॅ अशाेक मधुप (नाेएडा), गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र (देहरादून), डाॅ तूलिका सेठ (गाजियाबाद), संस्कृति मिश्र (दिल्ली), जितेन्द्र जीत (नाेएडा) और गुलसारिका (भाेपाल) न अपनेे काव्यपाठ से श्राेताओं काे आनंदित कर दिया।


