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Gandhinagar : शहरी बेघर गरीबों के लिए 116 रैन बसेरे बनाए

गांधीनगर : (Gandhinagar) गुजरात सरकार ने शहरों में मजदूरी के लिए आने वाले या फुटपाथ पर सोने वाले बेघर लोगों के लिए रैन बसेरे तैयार किए हैं। वर्तमान में राज्य के 38 शहरों में 116 रैन बसेरे संचालित हैं, जिनमें रोजाना लगभग 10,000 बेघर लोगों को आसरा दिया जा रहा है।

गुजरात सरकार की तरफ से जारी की गई जानकारी के मुताबिक, बेघर शहरीजनों को आश्रय देने के लिए अब तक राज्य के 38 शहरों में कुल 120 रैन बसेरे (शेल्टर होम) के निर्माण को मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने इन 120 रैन बसेरों के लिए कुल 435.68 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं, जिनमें से 219 करोड़ रुपए संबंधित महानगर पालिकाओं तथा नगर पालिकाओं को आवंटित किए जा चुके हैं। इन रैन बसेरों में 21,426 लोगों के रहने की क्षमता है।

स्वीकृत किए गए 120 रैन बसेरों में से 87 कार्यरत हैं, जबकि बाकी निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं। इसके अलावा, संबंधित महानगर पालिकाओं और नगर पालिकाओं में ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन’ (डीएवाई-एनयूएलएम) के अंतर्गत जब तक रैन बसेरे उपलब्ध न हों, तब तक कुल 29 अस्थायी रैन बसेरे संचालित किए गए हैं। इस प्रकार, वर्तमान में राज्य के कुल 38 शहरों में 116 रैन बसेरे संचालित हैं और यहां रोजाना लगभग 10,000 बेघर लोग आश्रय लेते हैं।

राज्य में डीएवाई-एनयूएलएम के अंतर्गत स्थायी रूप से संचालित कुल 87 रैन बसेरे सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इन रैन बसेरों में रसोई घर और डाइनिंग की व्यवस्था की गई है। इन रैन बसेरों में आने वाले आश्रितों को स्वैच्छिक संस्थाओं की ओर से एक समय का भोजन (अधिकतर रात्रि के समय) निःशुल्क प्रदान किया जाता है।

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