दुर्ग /रायपुर : दुर्ग में कथित तौर पर सीआईएसएफ के आईजी संजय प्रकाश द्वारा बंधक रखी गई उनकी भतीजी को महिला विकास मंच बिहार की राष्ट्रीय संरक्षक वीना मानवी ने उतई पुलिस के सहयोग से शनिवार को छुड़ा लिया है। बंधक लड़की ने अपनी मौसी को चोरी से एक लेटर लिखा था कि वो अगर उसे नहीं ले जाएंगे तो वह खुदकुशी कर लेगी। महिला विकास मंच बिहार की टीम ने उतई पुलिस उसे आई जी की गिरफ्त से छुड़ाया।बंधक रखी गई भतीजी को लाते समय टीम ने संजय प्रकाश से बच्ची के लॉकर की चाबी, बैंक पासबुक, चेक बुक, कपड़े, गहने समेत अन्य सामान लेकर उसकी मौसी को सौंप दिया है ।
आईजी संजय प्रकाश पर आरोप है कि संपत्ति के लालच में उन्होंने अपनी भतीजी को सीआईएसफ कॉलोनी उतई में बंधक बनाकर रखा है। 22 साल की उनकी भतीजी ने अपनी मौसी को एक खत लिखा था। जिसके बाद यह बात सामने आई है। युवती ने अपनी मौसी को चोरी से एक लेटर लिखा कि वो अगर उसे नहीं ले जाएंगे तो वो खुदकुशी कर लेगी। 6 पन्नों के सुसाइड नोट मिलने के बाद युवती की मौसी अनीता शर्मा ने महिला विकास मंच बिहार के पटना में इसकी शिकायत की। जिसके बाद वहां से मंच की राष्ट्रीय संरक्षक वीना मानवी अपनी टीम के साथ शनिवार को दुर्ग पहुंची और दुर्ग पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
पटना से आई महिला विकास मंच की टीम ने बताया कि चार दिन पहले एक आवेदन आया था। जिसमें एक सुसाइड नोट की तरह लेटर था। युवती की नानी के घर वालों ने उसे वहां से निकालने की अपील की थी। महिला के माता-पिता दोनों नहीं है। आईजी संजय प्रकाश बच्ची के छोटे चाचा हैं। जिन्होंने युवती को पढ़ाने की बात कही थी और अपने साथ रखा था। लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं और युवती परेशान रहने लगी।
उतई थाना प्रभारी मनोज प्रजापति ने बताया कि वहां रह रही 22 साल की युवती ने अपनी मौसी को सूचना दी थी कि उसे वहां से ले जाए। युवती की मौसी, महिला बाल विकास मंच के साथ आई हुई थी। उतई पुलिस उनके साथ गई और रेस्क्यू कराया। युवती को पहले महिला सखी सेंटर दुर्ग में भेजा गया, इसके बाद उसे उसके मौसी के हवाले किया जाएगा। राष्ट्रीय संरक्षक महिला बाल विकास मंच की वीना मानवी ने बताया कि युवती के नाम पर बिहार में 380 बीघा जमीन थी। इसमें से उसके चाचा संजय प्रकाश ने 180 बीघा जमीन को युवती के हस्ताक्षर से बिकवा दिया और पूरा पैसा हड़प लिया है।


