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Dhamtari : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से महिलाए हो रहीं आत्मनिर्भर

धमतरी : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’बिहान’ से महिलाएं स्वयं आत्मनिर्भर हो रहीं हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रहीं हैं। ऐसी ही महिला हैं सेहराडबरी की सुनीता साहू। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से अपना और परिवार को आजीविका के लिए आर्थिक मदद कर रही हैं।

विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत ग्राम सेहराडबरी में गत दिनों लगे संकल्प शिविर में पहुंची सुनीता ने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व सहायता समूह में जुड़ने से पहले घर का काम करतीं थीं और छोटी-मोटी जरूरतों के लिए पति और परिवार पर निर्भर थीं। इसके बाद उन्हें योजना से जुड़ीं गांव की कुछ महिलाओं ने बताया कि स्व सहायता समूह से होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

सुनीता ने इससे प्रभावित होकर बिल्कुल देर नहीं करते हुये स्व सहायता समूह से जुड़ने के लिए अपनी हामी भर दी। वैष्णवी स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद सुनीता सक्रिय महिला के रूप में चयनित हुईं। समूह के बचत, ग्राम संगठन एवं बैंक लिंकेज से कम ब्याज दर पर उपलब्ध होने वाले ऋण की जानकारी ली और दो लाख रुपये का ऋण लेकर आजीविका के लिए डेली नीड्स की दुकान संचालित करने लगीं। इससे सुनीता को प्रतिदिन 500 से 700 रुपये की आमदनी होने लगी।

सुनीता बताती हैं कि वर्तमान में डेली नीड्स की दुकान चलाने के साथ ही सक्रिय महिला के रूप में कार्य करके अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं। सुनीता ने बिहान से जुड़ने के बाद विभिन्न प्रशिक्षण भी प्राप्त कीं। इनमें पांच दिवसीय पुस्तक संचालन प्रशिक्षण, सात दिवसीय सक्रिय महिला प्रशिक्षण, छह दिवसीय सामाजिक सर्वेक्षण का प्रशिक्षण और तीन दिवसीय टीएमआईएस का प्रशिक्षण शामिल है। इसके साथ ही वे गांव की अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिये प्रोत्साहित भी कर रही हैं।

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