धमतरी : इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व बैसाख मास शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि 22 अप्रैल को मनाया जाएगा। विप्र विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित अशोक शास्त्री व मीडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि भगवान विष्णुजी के छठवें अवतार भगवान परशुराम का अवतरण संध्याकाल में हुआ था। इस दिन से सतयुग आरंभ हुआ था। इस तिथि पर की पौराणिक मान्यताएं हैं। इसी दिन देवी गंगा स्वर्ग से धरती में उतरी। इसी दिन को भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है। अक्षय तृतीया के दिन ऋष वेदव्यास ने भगवान गणेशजी के साथ महाभारत ग्रंथ लिखना प्रारंभ किया अक्षय तृतीया का पर्व पुण्यमयी माना जाता है। इस दिन को सबसे शुभ दिन माना जाता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य के लिए मुहूर्त की आवश्यकता नहीं है। अक्षय तृतीया का पर्व परम पुण्यमयी है।


