
धमतरी : (Dhamtari) जिले में कस्टम मिलिंग कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा (Collector Abinash Mishra) के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने विकासखंड धमतरी स्थित ऋषभ राइस प्रोसेसिंग, श्यामतराई (बस्तर रोड) (Rishabh Rice Processing—located in Syamtarai (Bastar Road)) में आकस्मिक जांच की, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
खाद्य अधिकारियों ने आज जानकारी दी है कि जांच के दौरान सहायक खाद्य अधिकारी भेलेन्द्र कुमार ध्रुव और खाद्य निरीक्षक वैभव कोरटिया, (Assistant Food Officer Bhelendra Kumar Dhruv and Food Inspector Vaibhav Kortiya) ने पाया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के तहत फर्म ने 64,000 क्विंटल धान कस्टम मिलिंग हेतु अनुबंधित किया था। इसमें से 38,631.68 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है, जिसके अनुपात में 26,129.72 क्विंटल चावल जमा किया जाना था। हालांकि, भारतीय खाद्य निगम एवं नागरिक आपूर्ति निगम में 5,262.67 क्विंटल चावल अब भी जमा नहीं किया गया है। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 96,080 क्विंटल धान उठाव की अनुमति दी गई, जिसमें से 35,870 क्विंटल का डी.ओ. जारी हुआ और 17,628.09 क्विंटल धान का उठाव किया गया। इसके विरुद्ध 11,926.11 क्विंटल चावल जमा किया जाना शेष पाया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान रिकॉर्ड और उपलब्ध स्टॉक में भारी अंतर भी सामने आया। जांच में 257.33 क्विंटल चावल अधिक पाया गया, जबकि 250 क्विंटल चावल अन्य राइस मिल प्रिशा इंटरप्राइजेस, कुकरेल के मार्का बारदाने में मिला।
जांच टीम ने यह भी पाया कि फर्म द्वारा बी-1 रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही मासिक विवरणी नियमित रूप से खाद्य विभाग को सौंपी जा रही है। यह सभी तथ्य कस्टम मिलिंग नियमों के गंभीर उल्लंघन को दर्शाते हैं। उक्त अनियमितताओं के आधार पर छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की विभिन्न कंडिकाओं तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी पंजीकृत राइस मिलरों को निर्धारित समय सीमा में धान उठाव और चावल जमा करना अनिवार्य है। कस्टम मिलिंग कार्य में लापरवाही या उदासीनता बरतने पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


