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Dhamtari : श्रम निरीक्षक परीक्षा में राउत नाचा को बताया आदिवासी समुदाय का नृत्य

यादव समाज के पदाधिकारी व समाजजनों में आक्रोश

लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

धमतरी : व्यापमं द्वारा पिछले दिनों प्रदेश समेत धमतरी जिला में श्रम निरीक्षक के रिक्त पदों को भरने के लिए प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र में राउतनाचा को आदिवासी समुदाय का नृत्य बताया गया है, इसे लेकर यादव समाज के पदाधिकारी व समाजजनों में आक्रोश है। समाज के पदाधिकारी व समाजजनों ने कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर इस प्रश्न को विलोपित करने की मांग मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की है।

छग झेरिया यादव समाज जिला धमतरी के अध्यक्ष रमेश कुमार यादव, रंजित सिंह यादव, शांतिलाल यादव, शिवाजी यादव, नरेश यादव, दाऊलाल, खेलनराम, पीताम्बर, लक्ष्मीनारायण, देवचंद यादव, नागेश्वर कुमार, जगदेव यादव, बुधारू यादव समेत समाज के अन्य पदाधिकारी व समाजजन 28 जून को कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट में संयुक्त कलेक्टर ऋषिकेश तिवारी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम ज्ञापन सौंपकर समाजजनों ने बताया कि पिछले दिनों व्यापमं ने धमतरी समेत प्रदेशभर के विभिन्न जिलों में श्रम निरीक्षक भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षा आयोजित की। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र में एक सवाल पूछा गया था कि राउत नाचा किस प्रदेश के आदिवासी समुदाय का नृत्य है। प्रश्न पत्र में राउत नाचा को आदिवासी समाज का बताया गया है, जो उचित नहीं है। राउत नाचा छत्तीसगढ़ के यादव बंधुओं के संस्कृति के अभिन्न हिस्सा व धरोहर है, इसे आदिवासी समुदाय का नृत्य बताना यादव समाज के लिए अपमानजनक शब्द है। इससे आक्रोशित समाजजनों ने व्यापमं परीक्षा में इस प्रश्न को तैयार करने वाले लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मांगे पूरी नहीं होने पर समाजजनों ने आंदोलन करने की चेतावनी शासन-प्रशासन को दी है। वहीं इस प्रश्न को विलोपित करने की मांग की है। संयुक्त कलेक्टर ऋषिकेश तिवारी ने उनकी मांग शासन तक पहुंचाने का आश्वासन समाजजनों को दी है।

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