धमतरी:(Dhamtari) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को और अधिक सरलीकृत करने की लगातार मांग जनता से आती थी। इन्ही जटिल प्रक्रियाओं और आम जनता की परेशानियों को दृष्टिगत करते हुए मुख्यमंत्री ने जाति प्रमाण पत्र बनाने नियमों को शिथिल किया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग सहित जरूरतमंद लोगों को जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक मिसल न होने पर भी ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव और अनुमोदन के आधार पर जाति प्रमाण पत्र बनाए जा सकते है।
धमतरी शहर के रिसाईपारा पश्चिम में रहने वाले गोपाल महार बताते हैं, कि उनके द्वारा बीते 10 वर्षो से जाति प्रमाण पत्र बनाने का प्रयास किया जा रहा था, लेकिन मिसल नहीं होने के कारण नहीं बन पा रहा था।
ज्ञात हो कि पूर्व में जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए मिसल की आवश्यकता होती थी, मिसल नहीं होने के कारण गोपाल का जाति प्रमाण पत्र नहीं बन सकता, जिसके कारण उसने कभी भी आरक्षित वर्ग से सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पाते थे। मुख्यमंत्री द्वारा जाति प्रमाण पत्र के लिए दी गई रियायत से अब गोपाल और उसके बच्चों का जाति प्रमाण पत्र आसानी से बन जायेगा, जिससे गोपाल के बच्चे अब आरक्षित वर्ग से शासकीय सेवा हेतु आवेदन कर सकेंगे। वहीं शासन द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति व अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।


