धमतरी : गोबर खरीद, वर्मी कंपोस्ट खाद और मुर्गी पालन के बाद अब समूह की महिलाएं गोठान के मैदान पर गन्ना खेतीकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा ली है। गन्ना खेती कर देशी पद्धति से गुड़ बनाकर गांव व बाजार में बेच रही है, इससे समूह की महिलाओं की कमाई दिनोंदिन बढ़ रही है। वहीं सब्जी खेती-किसानी से भी जुड़ी हुई है। एक साथ कई आवक होने से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर है।
कुरूद विकासखंड के ग्राम गाड़ाडीह में जय चंडी स्व-सहायता समूह संचालित है। इस समूह में 12 महिलाएं जुड़ी हुई है, जो आत्मनिर्भर होने कई कदम उठा रही है। साथ ही आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है। महिला समूह की अध्यक्ष महेश्वरी निषाद बताती हैं कि गोठान की वजह से उनकी समूह को काफी फायदा मिला है। 12 सदस्यीय समूह की महिलाएं गोठान के 30 डिसमिल जमीन में गन्ना खेती की है। वहीं सब्जी भी उगा रही हैं। गन्ना तैयार होने के बाद शुद्ध व आर्गेनिक ढंग से महिलाएं गुड़ बनाती है। इस गुड़ को गांव व आसपास गांवों के बाजार व दुकानों में बेचती है। अब तक खर्च काटकर समूह की महिलाओं ने गुड़ उत्पादन से 30 हजार रुपये शुद्ध मुनाफा कमा ली है। अब फिर से गन्ना लगाईं है, जो तैयार हो रही है। गन्ना खेती के साथ महिलाएं गोठान के खाली पड़े मैदान पर सब्जी-भाजी की खेती कर रही है, जो तैयार होने के बाद हाथोहाथ बिकती है। ग्रामीण देशी सब्जी खरीदने बाड़ी तक पहुंचती है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।


