धमतरी : भीषण गर्मी में पानी की तलाश में जंगल से भटक कर एक हिरण गांव में घुस गया। हिरण पर कुत्तों की नजर पड़ी, तो उन्हें झुंड में काटने दौड़ाया। जान बचाकर वह एक ग्रामीण के घर घुस गया। रेस्क्यू करके ग्रामीणों ने हिरण को पकड़ा और डाक्टर के पास उपचार कराया। तत्पश्चात सकुशल हिरण को ग्रामीणों ने जंगल में छोड़ा।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल को वनांचल क्षेत्र के ग्राम पंचायत रिसगांव में अलसुबह एक हिरण पानी की तलाश में जंगल से भटककर गांव में घुस गया। हिरण गलियों से होकर आ रहा था, तभी कुत्तों की नजर हिरण पर पड़ी। कुत्तों ने हिरण को काटने के लिए दौड़ाया, तो हिरण जान बचाने के लिए एक ग्रामीण के घर में घुस गया। हिरण काफी दहशत में था। घर से बाहर नहीं निकल रहा था, तो ग्रामीणों ने रेस्क्यू करके हिरण को घर से बाहर निकाला। तत्काल रिसगांव में पदस्थ डा दुर्गेश साहू के पास लेकर उपचार कराया। डाक्टर ने बताया कि हिरण को कहीं चोटें नहीं आई है। हिरण को पानी पिलाया और वन विभाग को घटना की खबर दी गई। खबर पाकर वन विभाग के रेंजर चंद्र बली ध्रुव, महेन्द्र चौहान चौकीदार, महेन्द्र अग्रवानी, रूस्तम कुमार , सोम प्रकाश वहां पहुंचे। वन विभाग की टीम ने हिरण को जंगल मेे्ं ले जाकर सकुशल छोड़ा।कुछ दिन पहले भी चार वर्षीय एक नर हिरण पानी की तलाश में खल्लारी थाने के करीब पहुंच गया था। आवारा कुत्तों ने हिरण पर हमला करके उन्हें घायल कर दिया था। खल्लारी पुलिस ने हिरण को कुत्तों के झुंड से बचाकर प्राथमिक चिकित्सा कर वन विभाग को सौंप दिया था। कुछ समय ठीक रहा, लेकिन बाद में हिरण की मौत हो गई थी। उल्लेखनीय है कि गर्मी तेज होने के बाद जंगलों में पानी के लिए कोई स्रोत नहीं होने से प्यासे हिरण गांवों की ओर रूख करने लगे हैं, ऐसे में हिरण के जान को आवारा कुत्तों से खतरा बना रहता है। ऐसे में ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों में पानी के स्रोत के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि हिरण इन स्रोतों से अपनी प्यास बुझा सके। धमतरी, मगरलोड और नगरी ब्लाक के जंगलों में पानी के लिए किसी तरह के स्रोत नहीं है इसलिए यह स्थिति बन रही है।


