धमतरी:(Dhamtari ) लगातार दो दिनों से हो रही वर्षा (Rain) ने खेती-किसानी चौपट कर दी है। खेत गीले हो गए हैं, जिसमें ट्रैक्टर या अन्य मशीनें नहीं चल पाएंगी। ऐसे में अब मौसम भी खुलता भी है तो कटाई-मिंजाई के लिए किसानों को खेतों के सूखने तक इंतजार करना होगा। चक्रवाती तूफान अब कमजोर पड़ गया है, इसके बाद भी जिले में मौसम खराब है।
बारिश का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। इस बार अधिकांश किसानों ने लेट वेरायटी की फसल लगाई है, जिसके चलते खेत ठीक से सूख नहीं पाए थे। अब वर्षा से खेत गीले हो गए हैं। ऐसे में ट्रैक्टर जैसी अन्य मशीन खेतों में चल नहीं पा रहे। यदि मौसम खुल भी जाता है तो कटाई-मिंजाई के लिए किसानों को दो-चार दिन जमीन के सूखने तक इंतजार करना होगा। ग्राम देमार के किसान दिनेश कुमार साहू, संतोष कुमार सिन्हा, भटगांव के मोहन साहू ने बताया कि लगातार वर्षा से उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। खेतों में खड़ी फसल और खरही भीग गई है। ऐसे में धान की क्वालिटी खराब हो रही है। खेतों में रखे पैरा भी सड़ गए हैं। मौसम के असर से धान खरीदी भी प्रभावित रही।
जिला नोडल कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अब तक जिले के सिर्फ तीन खरीदी केंद्रों में ही खरीद हो पाई। आमदी खरीद केंद्र में 1108 क्विंटल, कातलबोड़ में 456 और बगौद खरीद केंद्र में 47 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। किसान धान बेचने के लिए मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कई किसानों ने अरहर-चना की फसल लगाई है। बेमौसम वर्षा से अरहर-चना जैसी फसल को काफी क्षति हो रही है। किसान अजर राम सिन्हा, पुसउ साहू ने बताया कि कृषि विभाग की सलाह पर हम लोगों ने चना-गेहूं सहित अन्य उन्हारी फसल लगाई है। बेमौसम वर्षा से नुकसान हो रहा है।
कृषि विभाग को सूचना दें किसान
उप संचालक कृषि, धमतरी, मोनेश कुमार साहू ने कहा कि यदि बेमौसम वर्षा से किसी भी किसान के खेत में रखे गये फसलों को नुकसान हुआ है, तो ऐसी स्थिति में वह बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर में क्षति होने के 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से सूचित करें। लिखित में कृषि या राजस्व विभाग के मैदानी अमलों तथा संबंधित बैंक शाखा को भी अनिवार्य रूप से सूचित करें। इससे बोई गई फसलों की क्षति का आकलन मैदानी अमलों द्वारा कर शासन की निहित प्रावधान अनुसार नियत समय में बीमा क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की जा सकेगी।


